Home / Uncategorized / आनंदनगर: सरकारी प्राथमिक स्कूलों में सुविधाओं की किल्लत, बच्चे प्राइवेट की ओर खिंच रहे

आनंदनगर: सरकारी प्राथमिक स्कूलों में सुविधाओं की किल्लत, बच्चे प्राइवेट की ओर खिंच रहे

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महाराजगंज, 20 अप्रैल 2026। आनंदनगर कस्बे के सरकारी प्राथमिक विद्यालय गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा का वरदान दे सकते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी और प्रशासनिक उदासीनता से अभिभावक हताश हैं। प्राइवेट स्कूलों से पीछे रहने के कारण यहां छात्र संख्या तेजी से घट रही है। वार्ड नंबर 18 का प्राथमिक विद्यालय इसका स्पष्ट उदाहरण है—संसाधनों के अभाव में स्कूल लगभग सुनसान पड़ा रहता है।
सुविधाओं का घोर अभाव, छात्रों का पलायन
स्कूलों में शिक्षकों की कमी, बैठने की जगह, साफ पानी और शौचालयों का टोटा है। अभिभावक मुन्नी देवी ने शिकायत की, “स्कूल में न बेंच हैं, न पीने का साफ पानी। प्राइवेट स्कूल महंगे हैं, लेकिन कम से कम पढ़ाई होती है। सरकारी स्कूलों में सुधार हो तो गरीबों को बड़ी राहत मिलेगी।” जिले के अन्य प्राथमिक विद्यालयों में भी यही हाल—छात्र संख्या दिन-ब-दिन लुढ़क रही है।
प्राइवेट स्कूलों का जादू, लेकिन महंगाई की मार
प्राइवेट स्कूल बेहतर शिक्षण विधि, अंग्रेजी माध्यम, स्मार्ट क्लासरूम और खेल सुविधाओं से अभिभावकों को लुभा रहे हैं। गरीब वर्ग भी इनकी ओर रुख कर रहा है, लेकिन कक्षा-1 की किताबें ही 5,000 रुपये तक—यह मनमानी फीस शिक्षा को सक्षम लोगों तक सीमित कर रही है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, आनंदनगर में पिछले दो वर्षों में प्राथमिक विद्यालयों से 30% छात्र गायब हो चुके हैं।
प्रशासन का वादा, विशेषज्ञों की सलाह
बीईओ ने कहा, “सुविधाओं के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। मिड-डे मील योजना और शिक्षक भर्ती पर काम तेज है। शिकायतें मिलने पर तुरंत जांच होगी।” लेकिन स्थानीय स्तर पर बदलाव नजर नहीं आ रहा। विशेषज्ञ सुझाव दे रहे हैं: स्मार्ट क्लासरूम, खेलकूद सामग्री, नियमित निरीक्षण और अभिभावक समितियां गठित करें, ताकि गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित न रहें। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *