पूर्वांचल राज्य/चंदौली
चंदौली।भीषण गर्मी के मद्देनजर जनपद में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक का मुख्य उद्देश्य विशेषकर नौगढ़ विकास खंड समेत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना रहा।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायती राज अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी, नौगढ़ को निर्देशित किया कि वे क्षेत्र के सभी गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों से संवाद स्थापित करें और जनसंख्या के अनुसार पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव में पानी की कमी की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि गर्मी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर गिरने से हैंडपंप अक्सर जवाब दे देते हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी होती है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसे प्रभावित गांवों में वैकल्पिक रूप से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए।
जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकियों की गुणवत्ता को लेकर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिशासी अभियंता, जल निगम को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। जहां पाइपलाइन का कार्य पूरा हो चुका है, वहां शीघ्र पेयजल आपूर्ति शुरू कराई जाए। साथ ही निर्माण कार्यों की जांच के लिए गठित टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराने के भी निर्देश दिए गए।
पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु तालाबों में पानी भरवाने या गांवों में पानी के टैंक स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, गांवों में पानी के टैंकरों की नियमित आपूर्ति के लिए रोस्टर तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के दौरान पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।










