पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय स्थित साधना केंद्र में अवस्थित मंदिर में शिव शक्ति महायज्ञ के पंचम दिवस पर प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया l मंदिर के अंदर चंद्रेश्वर महादेव, मारुति नन्दन हनुमान जी और सिद्धेश्वरी माता रानी जी की प्रतिमा का विधिवत मन्त्रोंच्चारण के साथ पूजा कर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। इसके साथ ही मूर्ति श्रृंगार, हवन, पूर्णाहुति और भण्डारा का आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आरम्भ यज्ञ के प्रमुख यजमान कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता एवं उनकी पत्नी डॉ. नीरा गुप्ता और वित्त अधिकारी आनंद दूबे सहित कुल पांच यजमानों की उपस्थिति में सम्पूर्ण विधि विधान से पूजन अर्चन की गई। जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सम्पूर्ण वातावरण में वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्ति की गूंज सुनाई दी।
इस पावन अवसर पर आचार्य अश्वनी पाराशर,अमृत मिश्रा, दीपक मिश्रा, धनंजय तिवारी तथा देव राज पांडे के सानिध्य में वाराणसी से पधारे विद्वान ब्राह्मणों द्वारा समस्त अनुष्ठान विधिपूर्वक सम्पन्न कराया गया l यह पूजा 19 अप्रैल से 25 अप्रैल, तक चला। इस मंदिर का शिलान्यास कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता एवं कुलसचिव एस. एल. पाल के द्वारा 12 दिसम्बर, 2024 को विधि विधान से किया गया था। केशव साधना केंद्र विश्वविद्यालय के विद्याथियों के लिए ध्यान का मुख्य स्थल के रूप में स्थापित किया गया है। विद्यार्थियों के मन में उत्पन्न नकारात्मक विचारों का दोहन करने के साथ यह केन्द्र उनकी मानसिक ऊर्जा को मज़बूत करने का भी कार्य करेगा। विद्यार्थियों में अपने संस्कृति को जीवंत रखने में भी केन्द्र महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। कुलपति ने साधना केन्द्र के नाम के बारे में बताया कि श्री कृष्ण भगवान के नाम पर इसका नाम केशव साधना मण्डपम रखा गया है। इसके अलावा श्री कृष्ण को योग योगेश्वर भी कहा जाता है, इसलिए विद्यार्थी वहां आकर अपनी योग साधना को पूर्ण करे, जिससे वह अपने जीवन में सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुंच सके।
विगत लगभग 1 वर्ष 4 माह में इस साधना केन्द्र एवं भव्य मंदिर का निर्माण संपन्न हुआ और इस साधना केन्द्र का निर्माण विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के प्रबंधकगण, गणमान्य व्यक्तियों तथा प्राध्यापकों के सहयोग से हुआ है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने इस साधना केन्द्र के निर्माण में सहयोग करने वाले समस्त सदस्यों को सहृदय से धन्यवाद प्रेषित किया। कुलपति ने इस विश्वास के साथ कहा कि विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के सहयोग से निर्मित यह साधना केंद्र देश तथा प्रदेश में अनूठी पहचान स्थापित करेगा और विश्वविद्यालय की पहचान को और मजबूत करने का काम करेगा। इस अवसर पर कुलसचिव एस. एल. पाल, कुलानुशासक डॉ प्रियंका सिंह, निदेशक शैक्षणिक डॉ पुष्पा मिश्रा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ अजय कुमार चौबे, डॉ छबि लाल, डॉ विनीत सिंह सहित विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के समस्त प्रबंधकगण, प्रधानाचार्य, अध्यापकगण, बलिया नगरवासियों के साथ साथ बहुत संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जे एन सी यू में शिव शक्ति महायज्ञ पर प्राण प्रतिष्ठा और विशाल भण्डारा का आयोजन










