पूर्वांचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
दुद्धी (सोनभद्र ) ‘सोनभद्र दुद्धी को जिला बनाओ’ की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर शनिवार दोपहर लगभग 1 बजे संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय अधिवक्ताओं ने मुंसिफ कोर्ट के मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। कचहरी गेट पर एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनावी वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने दुद्धी तहसील की भौगोलिक एवं आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र तीन राज्यों की सीमाओं से घिरा हुआ है। आदिवासी बहुल, पिछड़ा तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहाँ विकास की विशेष आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि सोनभद्र जिला मुख्यालय से दुद्धी की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है, जिससे आम लोगों को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुँचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
वक्ताओं ने कहा कि दुद्धी जिला बनने के लगभग सभी मानदंडों को पूरा करता है और क्षेत्र से सरकार को पर्याप्त राजस्व भी प्राप्त होता है, इसके बावजूद इसे जिला का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने सरकार से तत्काल इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
यह भी बताया गया कि दुद्धी को जिला बनाने की मांग पिछले तीन दशकों से लगातार उठाई जा रही है। चुनाव के दौरान प्रदेश और केंद्र स्तर के नेताओं द्वारा इसके संबंध में आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से वादों को पूरा करते हुए दुद्धी को जिला घोषित करने की मांग दोहराई।
इस दौरान अधिवक्ता प्रेमचंद यादव, राकेश श्रीवास्तव, प्रभु सिंह कुशवाहा, रामपाल जौहरी, अंजनी कुमार सिंह, शिव शंकर प्रसाद, आशीष गुप्ता, दिनेश प्रसाद, सुखसागर, अमरावती आदर्श कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, संघर्ष समिति के पदाधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।










