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सच कड़वा होता है सुना था लेकिन साजिश का शिकार होता है यह देखा जा रहा है..

कृष्णा पंडित की कलम से..

कोई अपने धर्म को बचाने के लिए लड़ रहा है लेकिन सरकारे आताताई की पुनर्जीवन और उनके इशारे पर लोगों को फंसा रही है ..

एक बात तो सिद्ध हो गया कि बीजेपी कोई हिंदुओं की पार्टी नहीं नहाए सनातन धर्म की हितैषी है यह अन्य पार्टियों की तरह सिर्फ अपनी स्वार्थ सिद्धि और गिद्द जैसी नजर से राजनीति के लिए सत्ता बना रहे जैसा प्रयास करते हैं जितने भी कट्टर सनातनी हैं जो धर्म के प्रति पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ लोगों को जागरूक और जन जागृति ला रहे हैं उनका सचमुच में कोई सबसे बड़ा आज के समय में दुश्मन है तो वर्तमान की सरकार है सच कड़वा होता है सुना था लेकिन सच साजिश का शिकार होता है ! यह इस सरकार में देखा जा रहा है सबसे बड़ी दुर्भाग्य की बात है कि जो दिन भर रात भर बीजेपी के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाकर इनको दो से 400 सीट तक लाया आज वह खुद को छला महसूस कर रहा है और अपना मोह भंग कर चुका है इनको इनकी औकात अब पता चलेगा जो इनका कोर वोटर था जो कट्टर सनातनी और कट्टर हिंदू वह इसे धीरे-धीरे कर दूर होता जा रहा है ! यह कोई एक जिले और राज्य की बात नहीं है लगभग पूरे भारतवर्ष में यही सच है जो दिन भर हिंदू हिंदू का कर कंठी माला और माथे पर चंदन लगाकर घूमते हैं वह सचमुच में हिंदुओं के हितैषी नहीं है वह तो अतिपिछड़े निकले और तो और हिंदुओं को भी यूजीसी जैसे कानून लाकर बांट दिया !

अब समय आ गया की आंख खोलो और अन्य कई विकल्प हैं ए कोई महा ज्ञानी और किसी विश्वविद्यालय से टॉपर लोग नहीं जो राजनीति में आकर कुछ बदल देंगे भारत के लोगों को अनेको टैक्स की मार झेल रहे हैं जिनको बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही जैसे विद्यालय अस्पताल या ट्रांसपोर्टेशन का साधन , हजारों करोड़ टैक्स देने के बाद भी 250 लाख करोड रुपए की कर्ज सिर्फ नेताओं की लग्जरी व्यवस्था के लिए ही की जा रही है आम आदमी आज भी रो रहा और 75 वर्ष बाद भी घिसी पीटी कानून जीवित रखकर जातियों में विभेद और धर्म में उन्माद फैला रहे हैं जबकि गो हत्या रोकने के लिए कोई कानून नहीं बना हिंदुओं को संरक्षित करने के लिए कोई कानून नहीं लाया गया गरीब हिंदू बच्चों को पढ़ने के लिए कोई सुधारण व्यवस्था नहीं की गई ! हिंदू संस्कृति सनातन धर्म को सहेजने के लिए कोई प्रावधान नहीं लाए गए !

…..लाया गया तो अल्पसंख्यक के भविष्य संवारने के लिए विशेष प्रकार की इंस्टीट्यूशन और 3500 करोड़ रूपया से लेकर 40 हजार करोड रुपए का अनुदान उनके विकास और उन्मूलन के लिए.. व्यवस्था..

2047 के झांसे में आने वाले लोग सावधान हो जाइए भारत विकसित नहीं होने वाला बल्कि पार्टी विकसित जरूर हो जाएगी क्योंकि पार्टी फंड और नेताओं की निजी संपत्ति में कई सौ गुना इजाफा हो चुका है !

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