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आनंदनगर स्टेशन पर दुकानदारों के पुनर्वास की उठी मांग

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज। आनंदनगर रेलवे स्टेशन पर हटाए गए 18 लाइसेंसधारी दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से जल्द उचित व्यवस्था करने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में वर्षों से चल रही चाय, नाश्ता, पकौड़ी और अन्य खाने-पीने की दुकानों के हट जाने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय यात्रियों के अनुसार, पहले स्टेशन के पीछे और आसपास मौजूद इन दुकानों से कम दाम में चाय, जलपान और भोजन आसानी से उपलब्ध हो जाता था। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलती थी, बल्कि दुकानदारों की रोज़ी-रोटी भी चलती थी। अब दुकानों के हटने के बाद यात्रियों को महंगे दामों पर सामान खरीदना पड़ रहा है, जिससे रोजाना सफर करने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
यात्रियों ने कहा कि जिन दुकानदारों को हटाया गया है, वे रेलवे को विधिवत किराया या लाइसेंस शुल्क देकर दुकानें संचालित करते थे। ऐसे में उन्हें बेरोजगार छोड़ने के बजाय रेलवे की खाली पड़ी भूमि या उपयुक्त स्थान पर पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि इससे एक ओर छोटे व्यवसायियों की आजीविका सुरक्षित रहेगी और दूसरी ओर यात्रियों को भी सस्ते और सुलभ दरों पर जलपान उपलब्ध हो सकेगा।
इस संबंध में यात्रियों रमेश चंद यादव, विवेक कुमार जायसवाल, हनुमान प्रसाद, शिवम पांडे और अमरीश कुमार ने कहा कि पहले इन दुकानों से यात्रियों को उचित दर पर चाय और नाश्ता मिलता था। उन्होंने कहा कि दुकानों के हटने से सबसे अधिक परेशानी आम यात्रियों, मजदूरों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है, जिन्हें सफर के दौरान सस्ती सुविधा की जरूरत होती है।
महिला यात्रियों रीता देवी, सुनीता और आजम खातून ने भी कहा कि स्टेशन पर सफाई और व्यवस्था बेहतर करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ-साथ छोटे दुकानदारों की आजीविका और यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले दुकानदारों को हटाने के बजाय वैकल्पिक स्थान पर पुनर्वास दिया जाना चाहिए।
यात्रियों ने यह भी कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन के विकास कार्य सराहनीय हैं, लेकिन विकास का लाभ तभी पूर्ण माना जाएगा जब उससे छोटे व्यापारियों और आम जनता को भी राहत मिले। लोगों ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि हटाए गए दुकानदारों को किसी उपयुक्त स्थान पर दुकानें आवंटित कर उनका पुनर्वास किया जाए, ताकि उनकी आजीविका फिर से पटरी पर आ सके और यात्रियों को भी पहले जैसी सुविधाएं मिल सकें।

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