सोशल मीडिया पर ‘सिंघम’ बनने की होड़ पर STF चीफ अमिताभ यश का सख्त फरमान
उत्तर प्रदेश पुलिस में सोशल मीडिया पर रील बनाने वाले अफसरों और जवानों पर अब सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। STF चीफ और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वर्दी में रीलबाजी करने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
लगातार वायरल हो रही पुलिसकर्मियों की रील्स और सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग का मानना है कि इससे न केवल पुलिस की छवि खराब हो रही है, बल्कि अनुशासन और सरकारी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पॉलिसी तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
यूपी पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत विभागीय कार्रवाई की जाए।
ADG अमिताभ यश ने अपने आदेश में कहा कि 8 फरवरी 2023 को सोशल मीडिया पॉलिसी लागू की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई सेवारत और ट्रेनी पुलिसकर्मी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
आदेश की बड़ी बातें
पहचान कर होगी कार्रवाई
हर जिले को ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं जो वर्दी में रील, आपत्तिजनक वीडियो या अनुचित कंटेंट पोस्ट कर रहे हैं।
हर महीने भेजनी होगी रिपोर्ट
सोशल मीडिया पॉलिसी उल्लंघन के मामलों में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट अब हर महीने पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी।
स्क्रीनशॉट और URL भी होंगे सुरक्षित
वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट और उसका वेब लिंक रिकॉर्ड के तौर पर सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है, ताकि सबूत पुख्ता रहें।
‘सिंघम’ बनने की होड़ ने बढ़ाई चिंता
सोशल मीडिया पर कई युवा सिपाही फिल्मी गानों, डायलॉग्स और स्टाइलिश वीडियो के जरिए खुद को “सिंघम” या “सूर्या” की तरह पेश कर रहे हैं।
कई पुलिसकर्मियों ने अपनी प्रोफाइल में “UP Police”, “Serving the Nation” और “COP” जैसे शब्द जोड़ रखे हैं। कुछ वीडियो में ट्रेनिंग सेंटर, पुलिस बाइक और वर्दी का इस्तेमाल करते हुए सिनेमाई अंदाज में रील बनाई जा रही है।
60 हजार नई भर्तियों के बाद बढ़ा ट्रेंड
साल 2025 में यूपी पुलिस में करीब 60 हजार नई भर्ती हुई थीं। इनमें बड़ी संख्या में 18 से 25 साल के युवा शामिल हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं।
इन युवाओं की प्रोफाइल में वर्दी की तस्वीरें, प्रेरणादायक कोट्स और ट्रेनिंग वीडियोज की भरमार देखने को मिल रही है।
पूर्व DGP बोले- पुलिसिंग कोई रील नहीं, तपस्या है
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा कि यदि यही ट्रेंड जारी रहा तो पुलिसिंग की गंभीरता और अनुशासन को बड़ा नुकसान होगा।
उन्होंने कहा, “पुलिस एक अनुशासित सेवा है। वर्दी में रील बनाना असभ्य प्रतिक्रिया है। जिन्हें सच्ची पुलिसिंग का जुनून है, वे सोशल मीडिया दिखावे में नहीं पड़ेंगे।”
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
- फिरोजाबाद में सिपाही सचिन गौतम को वर्दी में रील बनाने पर सस्पेंड किया गया था।
- औरैया में सरकारी बाइक के साथ रील बनाने वाले सिपाही पर विभागीय कार्रवाई हुई थी।
- गाजियाबाद में दो ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर रील वायरल होने पर निलंबित किए गए थे।
सोशल मीडिया कमाई पर भी रोक
पुलिस विभाग ने साफ किया है कि पुलिसकर्मी सोशल मीडिया के जरिए प्रमोशन, ब्रांडिंग या किसी भी तरह की कमाई नहीं कर सकते। पुलिस आचरण नियमावली के तहत इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
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