मेरठ | क्राइम डेस्क
मेरठ में नेशनल कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की हत्या का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। पुलिस ने दावा किया है कि 17 वर्षीय खिलाड़ी की हत्या 3600 रुपये के लेन-देन के विवाद में की गई, लेकिन सोमवार को पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंची अनुष्का की मां ने बरामद शव को अपनी बेटी मानने से इनकार कर दिया। परिवार की आपत्ति के बाद अब पुलिस डीएनए जांच के जरिए शव की पहचान की पुष्टि कराएगी।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के चिरौड़ी गांव निवासी नेमपाल की बेटी अनुष्का पाल राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी थी। वह पिछले दो वर्षों से अपने भाई अनमोल के साथ कंकरखेड़ा क्षेत्र के शोभापुर में किराये के कमरे में रहकर पढ़ाई और कबड्डी की तैयारी कर रही थी।
पुलिस जांच के अनुसार, अनुष्का का स्थानीय फास्टफूड संचालक श्याम धानक से परिचय था। इसी दौरान उसके ऊपर करीब 3600 रुपये का उधार हो गया था।
15 अप्रैल की रात आरोपी ने अनुष्का को फोन कर मिलने के लिए बुलाया। पुलिस का दावा है कि पैसों को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
45 दिन तक नाले में पड़ा रहा शव
हत्या के बाद आरोपी ने शव को बोरे में भरकर शोभापुर पुलिस चौकी के पास स्थित नाले में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार कीचड़ में धंस जाने के कारण शव किसी की नजर में नहीं आया।
करीब 45 दिनों बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया। लंबे समय तक नाले में पड़े रहने के कारण शव काफी हद तक कंकाल में बदल चुका था।
मां बोलीं- “यह मेरी बेटी का शव नहीं”
पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंची अनुष्का की मां ललिता पाल ने शव की पहचान करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि उनकी बेटी कभी जींस नहीं पहनती थी और उसके बाल बॉयकट थे, जबकि बरामद शव में लड़की ने जींस पहन रखी थी और बाल लंबे दिखाई दे रहे थे।
मां ने यह भी कहा कि अनुष्का की आंख के पास एक निशान था, लेकिन शव की हालत ऐसी नहीं थी कि उसकी स्पष्ट पहचान की जा सके।
DNA टेस्ट से होगी अंतिम पुष्टि
परिजनों के विरोध के बाद मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया और एसएसपी कार्यालय पहुंचकर जांच की मांग की।
इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि डीएनए परीक्षण कराया जाएगा, जिससे शव की वास्तविक पहचान सुनिश्चित की जा सके।
आरोपी पहले भी हत्या के मामले में जा चुका है जेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी श्याम धानक पर पहले भी एक महिला की हत्या का आरोप लग चुका है। वह वर्ष 2024 में जमानत पर जेल से बाहर आया था और पिछले दो वर्षों से फास्टफूड की दुकान चला रहा था।
अनुष्का के लापता होने के बाद से उसकी दुकान बंद पड़ी हुई है।
गांव की शान थी अनुष्का
परिजनों के मुताबिक अनुष्का राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी थी और हाल ही में गाजियाबाद में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर लौटी थी। उसने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार राशि भी जीती थी।
परिवार और गांव के लोगों को उम्मीद थी कि वह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगी, लेकिन उसकी संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल
पुलिस हत्या का खुलासा कर चुकी है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन परिवार शव की पहचान पर सवाल उठा रहा है।
अब पूरे मामले की सच्चाई डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह सामने आ सकेगी।










