पूर्वाचल राज्य संवाददाता : दीपू तिवारी
सोनभद्र/रेणुकूट। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रेणुकूट स्थित चाचा कॉलोनी में रेणुकूट वन प्रभाग द्वारा विशेष वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कमल कुमार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का संचालन पिपरी वन क्षेत्र के रेंजर राघवेंद्र कुमार के नेतृत्व में किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ममता जी ने पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ममता जी ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन तथा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
पिपरी रेंजर राघवेंद्र कुमार ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन की अमूल्य धरोहर हैं। वृक्ष न केवल शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा समय-समय पर वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया तथा उपस्थित लोगों को पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के लिए सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अपने घरों, विद्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में संदेश दिया—
“पेड़-पौधे हैं वरदान, पर्यावरण की यही पहचान।”
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ तथा लोगों को हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया।










