चंदौली जिले के धानापुर क्षेत्र के सिद्धपीठ खड़ान में धान की सीधी बुआई (DSR) पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन शिवनंदम फॉर्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी, खड़ान धानापुर ने फार्ड फाउंडेशन वाराणसी के सौजन्य से किया। इसका उद्देश्य किसान, मजदूर, महिला और युवाओं के हितों में कार्य करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर पंजाब सिंह थे। बल्लभ भाई पंत कृषि विश्वविद्यालय, पंत नगर के पूर्व निदेशक प्रोफेसर बी.पी. ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के जन संपर्क अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया।
अंतरराष्ट्रीय राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुनील और प्रोफेसर बी.पी. ने धान की सीधी बुआई और प्लांटेशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्य अतिथि प्रोफेसर पंजाब सिंह ने किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और महिला मजदूरों व किसानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने सीधी बुआई से होने वाले लाभों पर भी प्रकाश डाला।
कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों और महिलाओं को हर तरह का प्रशिक्षण देने, योजनाओं के तहत टूर और ट्रेनिंग कराकर उन्हें रोजगारोन्मुख बनाने का आश्वासन दिया।
शिवनंदम फॉर्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक रमेश सिंह ने बताया कि फार्ड फाउंडेशन के सौजन्य से पिछले चार साल से धानापुर में उनके FPO द्वारा अलग-अलग किसानों के खेतों में इस विधि से खेती कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने समय पर खरपतवार नाशक का छिड़काव और उचित रखरखाव किया, वे इस विधि से बहुत संतुष्ट रहे।
उन्होंने गुरेहु के दीपक राय का उदाहरण दिया, जिनकी पिछले साल एक बीघा खेती फाड़ फाउंडेशन के सौजन्य से कराई गई थी। इस साल दीपक राय अपना पूरा पांच एकड़ खेत DSR विधि से बो रहे हैं और धान की नर्सरी नहीं डाल रहे हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार सिंह ने किसानों और महिलाओं के बहुमुखी विकास तथा उत्कृष्ट खेती के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम में राजवंश सिंह, ओमप्रकाश सिंह, रामसिंह, राजेश सिंह, धीरज सिंह, बलवंत सिंह, नगीना यादव, शैलेंद्र पांडे, चिंटू पांडे, मुन्ना सिंह, राजन सिंह, अवधेश सिंह, श्याम सुंदर बिन, ओमप्रकाश राम, रामजी राम, सुभाष राय और दीपक राय सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे।










