चंदौली जिले के धानापुर विकास खंड क्षेत्र के कमालपुर के ग्राम प्रधान सुदामा जायसवाल का मंगलवार दोपहर वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लगभग 40 वर्ष के थे। डॉक्टरों के अनुसार, उनके लीवर में सूजन और संक्रमण की शिकायत थी।
बुधवार सुबह उनका अंतिम संस्कार नरौली गंगा घाट पर किया गया। इस दौरान भारी संख्या में लोग अपने प्रधान को अंतिम विदाई देने पहुंचे, जिससे माहौल गमगीन हो गया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
सुदामा जायसवाल अपने व्यवहार के कारण जनता के दिलों पर राज करते थे। उन्होंने अपने ग्राम सभा सहित पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच अपनी एक खास जगह बना ली थी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में गांव का काफी विकास किया था और आगे के विकास कार्यों की तैयारियों में भी लगे हुए थे।
जानकारी के अनुसार, सुदामा जायसवाल की तबीयत लगभग दस से पंद्रह दिन पहले खराब हुई थी। प्रारंभिक इलाज के बाद वे ठीक होकर घर लौट आए थे। हालांकि, अचानक फिर से तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पास के शिवांश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शिवांश अस्पताल के डॉक्टर ओमप्रकाश गुप्ता ने उन्हें वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल रेफर कर दिया था, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें लगभग बारह साल की एक बेटी और दस साल का एक बेटा शामिल हैं।
उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से बुधवार सुबह नरौली स्थित गंगा घाट पर किया गया। मुखाग्नि मृतक प्रधान के बड़े भाई श्याम जायसवाल ने दी। अंतिम संस्कार में मुख्य रूप से ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह, प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश सिंह, विधायक प्रतिनिधि अन्नू सिंह, मंडल अध्यक्ष रमेश द्विवेदी, सतीश मौर्य, प्रधान रामजी कुशवाहा, पत्रकार नीरज अग्रहरी, प्रधान कमलेश गुप्ता, पत्रकार सतेंद्र यादव, जलील अंसारी, लालमनी पाल सहित क्षेत्र के भारी संख्या में प्रधान और अन्य लोग नम आंखों से मौजूद रहे।










