अलग कार्रवाई में 40 बोतल अवैध शराब सहित एक और आरोपी दबोचा
अमृतसर, 7 जुलाई – ( राजू वालिया ) – कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर गुरप्रीत सिंह भूलर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रहें है। इसी कड़ी में थाना छेहरटा प्रभारी बलविंदर सिंह वह उनकी टीम की ओर से दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए लूटपाट करने वाले तीन आरोपियों सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए तीन मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा, एक दातर (तेजधार हथियार) तथा अलग कार्रवाई के दौरान 40 बोतल अवैध शराब भी बरामद की है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार थाना छेहरटा क्षेत्र में दर्ज लूटपाट के एक मामले की जांच के दौरान लवप्रीत सिंह उर्फ लव, मनप्रीत सिंह उर्फ मनी तथा वंश शर्मा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके अलावा वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई एक्टिवा और एक दातर भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सुनसान स्थानों पर राहगीरों को निशाना बनाकर उनसे मोबाइल फोन व अन्य कीमती सामान छीनने की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संबंध किसी अन्य आपराधिक गिरोह से तो नहीं है और उन्होंने शहर या आसपास के क्षेत्रों में अन्य लूट की घटनाओं को भी अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। इसी दौरान थाना छेहरटा पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में गुरमीत सिंह को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 40 बोतल अवैध शराब बरामद की। पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर शराब को कब्जे में ले लिया है तथा आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले भी एक्साइज एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वे किसी संगठित गिरोह के साथ मिलकर तो वारदातों को अंजाम नहीं दे रहे थे कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि शहर में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा ताकि उनसे पूछताछ के दौरान अन्य वारदातों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकें।










