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डीटीएफ और 4161 शिक्षक यूनियन ने डीसी के माध्यम से सरकार को भेजा ज्ञापन, 11 जुलाई तक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

शिक्षा मंत्री की बैठकें लगातार टलने से शिक्षकों में रोष, कहा—अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार

अमृतसर, 7 जुलाई – (राजू वालिया) – 4161 शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्त 253 शिक्षकों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया और उन्हें जारी किए जा रहे टर्मिनेशन संबंधी शो-कॉज नोटिसों के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) तथा 4161 शिक्षक यूनियन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और पंजाब सरकार तथा शिक्षा विभाग के नाम रोष पत्र सौंपकर टर्मिनेशन की कार्रवाई तत्काल वापस लेने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे के समाधान को लेकर लगातार टालमटोल की नीति अपना रही है। उनका कहना था कि पहले शिक्षा मंत्री द्वारा 3 जुलाई को बैठक तय की गई, लेकिन उसे अंतिम समय पर स्थगित कर दिया गया। इसके बाद 6 जुलाई को प्रस्तावित बैठक भी बिना किसी ठोस निर्णय के टाल दी गई। लगातार बैठकें स्थगित किए जाने से प्रभावित शिक्षकों में भारी नाराजगी है। डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डीटीएफ अमृतसर के जिला प्रधान अश्वनी अवस्थी ने कहा कि 253 शिक्षकों को टर्मिनेशन नोटिस जारी करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संबंधित शिक्षक पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब उनके रोजगार पर संकट खड़ा कर देना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक संगठन अपने साथियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे और संघर्ष को लगातार आगे बढ़ाएंगे। इस अवसर पर 4161 भर्ती समिति के जिला नेता हरपाल सिंह और प्रगट सिंह ने पंजाब सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 11 जुलाई तक सरकार ने टर्मिनेशन की कार्रवाई वापस लेकर शिक्षकों की नौकरी बहाल करने संबंधी कोई ठोस फैसला नहीं लिया, तो उसी दिन शिक्षा मंत्री के पैतृक गांव गंभीरपुर में विशाल और तीखा रोष प्रदर्शन किया जाएगा।शिक्षक नेताओं ने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है या कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और शिक्षा मंत्री की होगी, क्योंकि सरकार लगातार बातचीत से बच रही है और प्रभावित शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही। अंत में शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की कि 253 शिक्षकों के रोजगार को सुरक्षित किया जाए, टर्मिनेशन संबंधी सभी शो-कॉज नोटिस और कार्रवाई तत्काल वापस ली जाए तथा लंबित मामले का जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।

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