पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
रेणुकूट (सोनभद्र)। “हम जाएं तो कहां जाएं?” इसी पीड़ा के साथ रेणुकूट व्यापार मंडल ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र न बनने की समस्या को लेकर उपजिलाधिकारी दुद्धी/पिपरी को प्रार्थना पत्र सौंपा। व्यापार मंडल का कहना है कि वर्षों से रेणुकूट बाजार में रहकर व्यवसाय करने वाले हजारों व्यापारी आज भी इस मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष बृजकिशोर गुप्ता ने बताया कि रेणुकूट बाजार में लगभग 10 से 12 हजार व्यापारी एवं उनके परिवार वर्षों से निवास कर अपना व्यवसाय कर रहे हैं। इसके बावजूद बाजार क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा नगर पंचायत रेणुकूट की सीमा में शामिल नहीं है, जिसके कारण नगर पंचायत द्वारा जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। इससे व्यापारियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, शैक्षणिक, बैंकिंग एवं अन्य आवश्यक कार्यों में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल का कहना है कि बाजार क्षेत्र को औद्योगिक नगर क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है, लेकिन वहां रहने वाले लोगों को उद्योग की ओर से भी आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। ऐसे में हजारों व्यापारी परिवार प्रशासनिक व्यवस्था के बीच स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
व्यापार मंडल ने मांग की है कि शासन की मंशा के अनुरूप व्यापारियों को सरल प्रक्रिया के तहत जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए जाएं तथा इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके। व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी से मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि यह समस्या दूर हो जाती है तो हजारों व्यापारी परिवारों को राहत मिलेगी और वे भी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकेंगे।










