पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
सोनभद्र। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, सोनभद्र के प्रांगण में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में जनपद एवं सत्र न्यायाधीश सोनभद्र श्री राम सुलिन सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमती अर्चना अरोड़ा, न्यायाधीश दुर्घटना दावा अधिकरण श्री राम किशोर पांडेय, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीशगण सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी, वादकारी तथा आमजन उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं उपस्थित लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। वक्ताओं ने संविधान निर्माण में बाबा साहब के अतुलनीय योगदान तथा सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के लिए उनके संघर्ष एवं विचारों को स्मरण किया।
इसके पश्चात राष्ट्रध्वज को सम्मानपूर्वक नमन किया गया। देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानियों एवं वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय गौरव की भावना से भर दिया। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं आमजन ने कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, सोनभद्र के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सिंह एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महामंत्री श्री राजेंद्र कुमार यादव एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर जगजीवन सिंह, श्याम बिहारी यादव, पवन कुमार सिंह, राजेश यादव, चतुर्भुज शर्मा, संतोष यादव, सुरेश सिंह कुशवाहा, पंकज यादव, द्वारकानाथ नागर, विनीत श्रीवास्तव, प्रेम प्रताप विश्वकर्मा, टीटू प्रसाद गुप्ता, अभिषेक सिंह मौर्य, सुमन, चंद्रकला गिरी, समृद्धि कुशवाहा, सुदेश कुमार, आदर्श देव पांडेय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं एवं जनसमुदाय ने सहभागिता की। समारोह के अंत में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं जनसमुदाय ने स्वतंत्रता के अमूल्य आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्रसेवा, संविधान की मर्यादा तथा विधि के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।










