पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
रेणुकूट सोनभद्र। दिल्ली के मोतीबाग क्षेत्र स्थित सत्य निकेतन में हॉस्टल की इमारत भर भराकर गिरने से हुए हादसे में रेणुकूट निवासी अभिषेक कुमार की मौत हो गई। अभिषेक दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसकी मौत की खबर मिलते ही रेणुकूट स्थित परिवार में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही उसके पिता संतोष कुमार खरवार दिल्ली के लिए रवाना हो गए। अभिषेक अपने परिवार में सबसे छोटा था। उसका एक बड़ा भाई और एक बड़ी बहन है। बड़ा भाई राजस्थान में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बड़ी बहन का विवाह हो चुका है। अभिषेक अपने माता-पिता के साथ रेणुकूट स्थित हिंडाल्को कॉलोनी के एचएच-140 आवास में रहता था। उसके पिता संतोष कुमार खरवार हिंडाल्को में कार्यरत हैं। इन दिनों अभिषेक की मां अपने गांव गई हुई हैं। परिजनों के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक का पार्थिव शरीर वाराणसी लाया जाएगा, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके बाद आगे के विधि-विधान चंदौली जिले स्थित उसके मूल गांव झांसी से संपन्न किए जाएंगे।अभिषेक के पिता संतोष कुमार खरवार ने बताया कि उनके बेटे ने पहले से ही अपनी आंखें दान करने के लिए पंजीकरण करा रखा था। हादसे में मौत के बाद अभिषेक की आंखों का दान भी कराया गया। उन्होंने कहा कि अभिषेक अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके नेत्रदान से किसी दूसरे व्यक्ति की जिंदगी में रोशनी आ सकेगी। बेटे को खोने के गहरे दुख के बीच यह परिवार के लिए संतोष की बात है कि उसकी आंखें किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला ला सकेंगी। अभिषेक मूल रूप से चंदौली जिले के झांसी गांव का निवासी था और इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। हादसे की खबर से रेणुकूट और उसके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।










