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बीएड शिक्षकों के लिए 6 माह का ब्रिज कोर्स शुरू, प्राथमिक शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती

एनआईओएस के माध्यम से संचालित होगा पाठ्यक्रम; प्राथमिक कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण एवं बाल-केंद्रित शिक्षण पर रहेगा फोकस

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो नई दिल्ली।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने प्राथमिक शिक्षक शिक्षा (पीटीई) में छह माह के प्रमाण-पत्र (ब्रिज) पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पाठ्यक्रम उन सेवारत प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है, जिनके पास बी.एड. की डिग्री है और जिन्हें प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) पर अध्यापन के लिए आवश्यक प्रमाणन प्रदान करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।

राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से संचालित होने वाला यह पाठ्यक्रम शिक्षकों को बाल-केंद्रित, समावेशी एवं बाल विकास के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण देगा। इसके माध्यम से प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों की विविध अधिगम आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के निर्धारित ढांचे के अनुरूप तैयार किए गए इस कार्यक्रम में छह सैद्धांतिक पाठ्यक्रमों के साथ विद्यालय-आधारित प्रायोगिक कार्य शामिल हैं। पाठ्यक्रम में कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं तथा 20 दिन का विद्यालय-आधारित अनुभव भी अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य शिक्षण सिद्धांत और कक्षा-कक्ष में उसके व्यावहारिक उपयोग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने 8 अप्रैल 2024 को दिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय में एनसीटीई को ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए ब्रिज पाठ्यक्रम तैयार करने का अधिकार दिया था, जिनके पास डी.एल.एड. योग्यता नहीं है। यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से उन बी.एड. धारक शिक्षकों के लिए है, जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच प्राथमिक स्तर पर हुई थी।

मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) पद्धति से संचालित इस पाठ्यक्रम में ई-लर्निंग सामग्री, वीडियो ट्यूटोरियल, डिजिटल संसाधन तथा विद्यालय आधारित अभ्यास शामिल होंगे। पात्र शिक्षक एनआईओएस के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल देश में आधारभूत शिक्षा को और अधिक प्रभावी, समावेशी तथा गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 

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