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गाजीपुर: थाने में लाइट बंद कर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, एक की मौत, परिजन बोले- पुलिस की पिटाई से गई जान

गाजीपुर: थाने में लाइट बंद कर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, एक की मौत, परिजन बोले- पुलिस की पिटाई से गई जान

 

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो गाजीपुर

संवादाता (राजेश कुमार वर्मा)

जिले के नोनहरा थाना परिसर में बिजली कटने के बाद कथित रूप से लाइट बंद कर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना में घायल हुए भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय (35) की गुरुवार तड़के मौत हो गई। मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की बर्बर पिटाई के कारण सियाराम की जान गई है।

 

क्या है मामला?

9 सितंबर की रात नोनहरा थाना क्षेत्र के रुकुंदीपुर गांव में बिजली के खंभे लगाने को लेकर प्रधान और पूर्व प्रधान के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद को लेकर एक पक्ष के 20-25 लोग थाने पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। बताया जा रहा है कि थाने में अचानक लाइट चली गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाईं।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि लाइट पुलिस ने जानबूझकर काटी और अंधेरे में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। इसी दौरान सियाराम भाग नहीं सके और ज़मीन पर गिर पड़े। उनके शरीर पर पीठ, पैर और अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान थे।

 

इलाज के दौरान तोड़ा दम

 

घटना के बाद सियाराम किसी तरह घर पहुंचे, लेकिन दो दिनों से उनकी हालत बिगड़ती रही। गुरुवार सुबह 3 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार का कहना है कि थाने से लौटने के बाद वे लगातार दर्द से कराह रहे थे और घर पर ही उनका इलाज चल रहा था।

 

परिजनों और भाजपा नेताओं का आरोप

 

मृतक के पिता गिरिजा उपाध्याय ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “मेरे बेटे को पुलिस ने पीट-पीटकर मार डाला। दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो और उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए।”

लाठीचार्ज में घायल भाजपा कार्यकर्ता राजेश राय ‘बागी’ ने कहा कि पुलिस ने रात करीब डेढ़ बजे बिजली बुझाकर हमला किया। कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हैं और पुलिस का खौफ इतना है कि कई लोग अभी भी छिपे हुए हैं।

 

भाजपा नेताओं ने दी चेतावनी

घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय और अन्य कार्यकर्ता गांव पहुंचे। ओमप्रकाश राय ने कहा कि, “सियाराम पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता थे। दोषी पुलिसकर्मियों को न केवल हटाया जाए, बल्कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। भाजपा परिवार मृतक के परिजनों के साथ खड़ा है।”

 

पुलिस का पक्ष: नहीं हुआ लाठीचार्ज

पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा, “नोनहरा थाने में किसी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया। बिजली जाने के कारण थोड़ी देर अफरा-तफरी मची थी, लेकिन सभी लोग शांति से चले गए थे। अब एक युवक की मौत की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

 

फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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