भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार: बिजली विभाग का जेई रंगे हाथ पकड़ा गया
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी।
(संवाददाता- राजेश कुमार वर्मा)
जिले में बिजली विभाग के भ्रष्टाचार का एक और गंभीर मामला बुधवार 24 सितंबर को सामने आया है, जब एंटी करप्शन टीम ने एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र स्थित अनेई उपकेंद्र पर की गई, जहां जेई ने अपने क्षेत्र के मेगा बिजली कैंप को नजरअंदाज कर 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
यह मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता चंद्र भान सिंह ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की कि अनेई लच्छीरामपुर के एक निवासी के बिजली कनेक्शन के लिए जेई सतेन्द्र कुमार ने रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत की मांग की। शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने जेई को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
जैसे ही सतेन्द्र कुमार ने मेगा कैंप की बड़ी जिम्मेदारी छोड़कर रिश्वत लेने का प्रयास किया, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान जेई का हाथ धुलवाया गया, जिसके बाद वह पकड़ा गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना ने बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर किया है।
एंटी करप्शन टीम की तत्परता और सक्रियता से यह साफ संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई से न केवल आरोपित के लिए एक चेतावनी मिलती है, बल्कि अन्य सरकारी अधिकारियों के लिए भी यह एक उदाहरण प्रस्तुत करता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी सुरक्षित नहीं है।
अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण खंड, हरहुआ, हेमंत कुमार ने इस मामले की जानकारी मिलने के बाद आरोपित को निलंबित करने की पुष्टि की है और साथ ही अन्य विभागीय कार्रवाई की भी बात की है।
इस पूरी घटना से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है। यदि समाज में जागरूकता और सतर्कता बढ़े, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में बदलाव संभव है। एंटी करप्शन टीम की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जाएंगे।










