600 परिवारों को बेघर करने की कोशिश: वक्फ बोर्ड की कार्रवाई को हाईकोर्ट ने बताया अवैध
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो कोच्चि।
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसले में मुनंबम की 135 एकड़ भूमि को वक्फ घोषित करने के केरल वक्फ बोर्ड के 2019 के आदेश को अवैध और अनुचित करार दिया। कोर्ट ने कहा कि यह फैसला कानून के विरुद्ध और सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर हमला था।
1950 में यह जमीन एक निजी दानदाता ने फारूक कॉलेज को उपहार स्वरूप दी थी, लेकिन वक्फ डीड नहीं, बल्कि सामान्य गिफ्ट डीड थी। वर्षों से यहां 600 से ज्यादा परिवार बसे हुए हैं, जिन्हें 2019 के वक्फ बोर्ड के फैसले के बाद बेदखली का डर सताने लगा।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड का यह निर्णय न केवल देरी से लिया गया, बल्कि इसमें वक्फ अधिनियम के नियमों की भी अनदेखी की गई। डिवीजन बेंच ने कहा कि इस जमीन को वक्फ घोषित करना “भूमि हथियाने की कोशिश” थी।
इसके साथ ही कोर्ट ने एकल पीठ के उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसमें राज्य सरकार के जांच आयोग को अवैध ठहराया गया था। अब राज्य सरकार प्रभावित परिवारों की स्थिति की जांच कर सकेगी।
इस फैसले से मुनंबम के सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत मिली है।










