अबूझमाड़-माओवाद मुक्त’, 170 नक्सलियों ने किया समर्पण: अमित शाह
*2026 तक माओवाद के पूर्ण खात्मे का संकल्प*
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो नई दिल्ली।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर अब पूरी तरह माओवाद से मुक्त हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में 170 माओवादियों के एक साथ आत्मसमर्पण के बाद शाह ने यह घोषणा की और कहा कि यह केंद्र सरकार की निर्णायक नीति और सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई का नतीजा है।
बीते दो दिनों में महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कुल 258 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जिनमें पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति जैसी शीर्ष नेतृत्व की आत्मसमर्पण भी शामिल है। शाह ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए 31 मार्च 2026 तक देश को माओवाद से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प दोहराया।
*अभी सिर्फ 3 जिले अति प्रभावित*
शाह ने जानकारी दी कि आज देश में माओवादी हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जिले केवल सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर रह गए हैं। कभी 170 जिलों में फैले नक्सलवाद का दायरा अब घटकर 11 जिलों तक सीमित रह गया है, जो छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और झारखंड में स्थित हैं।
*2100 नक्सलियों ने छोड़ा हथियार*
जनवरी 2024 के बाद से अब तक 2,100 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, 1,785 गिरफ्तार हुए और 477 ढेर किए गए। गृह मंत्री ने इसे माओवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक मोड़ बताया।
*शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता*
शाह ने कहा, “जो माओवादी हिंसा छोड़ संविधान पर विश्वास जताते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।” उन्होंने सभी माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने और देश के विकास में भागीदार बनने की अपील की।
शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को इसका श्रेय देते हुए कहा कि सरकार की “स्पष्ट नीति, सशक्त इच्छाशक्ति और विकास के रास्ते” ने माओवाद को अंतिम चरण तक पहुंचा दिया है।










