पूर्वांचल राज्य/रुद्र पाठक
सकलडीहा। क्षेत्र में इन दिनों आरटीआई के नाम पर कथित वसूली गैंग के सक्रिय होने की चर्चा तेज हो गई है। ठेकेदारों और ग्राम प्रधानों का आरोप है कि कुछ लोग सूचना का अधिकार (आरटीआई) का भय दिखाकर उनसे मोटी रकम की मांग कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित लोगों द्वारा 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की मांग की जा रही है। आरोप है कि पैसे न देने पर ग्राम पंचायतों में बदनाम करने तथा विभिन्न कार्यों की आरटीआई लगाने की धमकी दी जाती है।
एक ग्राम सचिव ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किसी एक कार्य या योजना की जानकारी के बजाय पूरे पांच वर्षों का विस्तृत ब्यौरा मांगा जा रहा है। उनका कहना है कि मात्र दस रुपये के पोस्टल ऑर्डर पर इतने व्यापक दस्तावेज उपलब्ध कराना व्यवहारिक रूप से कठिन है।
वहीं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि सूचना मांगना प्रत्येक नागरिक का कानूनी अधिकार है, लेकिन सूचना मांगने की धमकी देकर धन की मांग करना अवैध व आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रधान, सचिव या सरकारी कर्मचारी से बिना वैध कारण के धन की मांग करना दंडनीय अपराध है।
वही एक जिलापंचायत के ठेकेदार का आरोप है कि हर काम में ठगी की तरह भाषा का प्रयोग कर के कार्य के शुरुआत में ही वसूली गैंग पहुंच कर धन की मांग कर रही है।हालांकि अगर मामला सामने आता है तो गैंग के खिलाफ बहुत ही जल्दी कानून से सुरक्षा की मांग की जाएगी और जरूरत पड़ी तो थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाया जाएगा।
क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों में चिंता व्याप्त है। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि आरटीआई जैसे पारदर्शिता के अधिकार का दुरुपयोग रोका जा सके।










