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सिद्धपीठ तपोभूमि खड़ान में बाबा प्रसन्नदास जी की समाधि स्थल के विकास को मिल रहा जनसहयोग

पूर्वांचल राज्य/चंदौली

धानापुर (चंदौली)। धानापुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत खड़ान स्थित श्री श्री 1008 बाबा प्रसन्नदास जी महाराज की जिंदा समाधि स्थल क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस समाधि स्थल का निर्माण स्वर्गीय रामनरेश सिंह ने वर्ष 1968 में अपने निजी धन से कराया था। वर्तमान समय में उनके पुत्र — नरेंद्र प्रताप सिंह, स्वर्गीय वीरेंद्र प्रताप सिंह, स्वर्गीय सुरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह एवं धीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा इसकी देख-रेख तथा नित्य पूजा-पाठ किया जा रहा है।

स्व. रामनरेश सिंह अपने समय के प्रतिष्ठित एवं सम्मानित व्यक्तित्व थे, जिनका प्रभाव आज भी क्षेत्र में देखा जाता है। उनके परिवार द्वारा लगातार सामाजिक व धार्मिक कार्यों में योगदान दिया जाता रहा है।

समाधि स्थल के विकास कार्यों में क्षेत्रीय विधायक सुशील सिंह, एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह तथा प्रमुख अजय सिंह का भी सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा समाधि स्थल के समीप बने अमृत सरोवर के निर्माण में जिला पंचायत अध्यक्ष क्षत्रवली सिंह और दीनानाथ शर्मा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अमृत सरोवर का एक हिस्सा पड़ोसी गांव कान्धरपुर की जमीन पर स्थित है तथा सामुदायिक शौचालय भी वहीं की भूमि पर निर्मित है, जिसके लिए ग्राम पंचायत खड़ान की ओर से कान्धरपुर गांव का आभार व्यक्त किया गया है।

इसी क्षेत्र में स्थित बाबा परमहंस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कान्धरपुर के निर्माण में भी स्व. रामनरेश सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने अपने निजी धन से विद्यालय के लिए पहला पक्का भवन और शिक्षकों के आवासीय कक्ष बनवाए थे। बाद में डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया। ग्राम पंचायत खड़ान की बंजर भूमि को ग्राम सभा के माध्यम से विद्यालय निर्माण हेतु उपलब्ध कराया गया था।

ग्रामीणों के अनुसार स्व. रामनरेश सिंह के परिवार ने गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके परिवार के प्रयासों से गांव में तीन फेज बिजली की व्यवस्था हुई। पूर्व प्रधान स्व. वीरेंद्र सिंह के कार्यकाल में वर्ष 1988 में लगभग 40 बीघा भूमि का पट्टा आवंटन किया गया तथा वर्ष 1993 में खड़ान में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना हुई, जो लंबे समय तक उनके घर से संचालित होता रहा।

वर्ष 2015 से 2020 तक क्षेत्र पंचायत सदस्य रहे प्रेम सिंह (नरेंद्र प्रताप सिंह के पुत्र) ने भी ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगभग 50 लाख रुपये के विकास कार्य कराए। वर्तमान में वे प्रधान पद के संभावित प्रत्याशी के रूप में भी गांव में सक्रिय हैं और ग्रामीणों के बीच विकास कार्यों को लेकर चर्चा में रहते हैं।

समाधि स्थल के विकास को और व्यवस्थित बनाने के लिए जल्द ही एक रजिस्टर्ड समिति बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सम्मानित नागरिकों को शामिल किया जाएगा। इस समिति के माध्यम से बाबा प्रसन्नदास जी महाराज की तपोभूमि को और अधिक भव्य व दिव्य बनाने की योजना है।

उल्लेखनीय है कि समाधि स्थल के पास स्थित अमृत सरोवर की खुदाई तथा शिव मंदिर के निर्माण में स्वर्गीय रघुनाथ सांव का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके परिजनों — सुखदेव गुप्ता, रामधारी गुप्ता और लालजी गुप्ता — का सहयोग भी सराहनीय बताया गया है। 

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