पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। वेतन भुगतान में हो रही देरी और कटौती को लेकर बुधवार को आशा बहुएं कलक्ट्रेट पहुंचीं और जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरी क्षेत्र में कार्यरत आशा बहुओं का पिछले दो वर्षों से भुगतान लंबित है। इतना ही नहीं, पैसा मांगने पर उन्हें पद से हटाने की धमकियां भी दी जा रही हैं।आशा बहुओं ने बताया कि वे शहर के विभिन्न वार्डों में तैनात हैं और हर महीने आशा वाउचर भरकर जमा करती हैं। इन वाउचरों की जांच के बाद एएनएम और एमवाईसी द्वारा पुष्टि भी की जाती है, लेकिन इसके बावजूद पिछले दो वर्षों से जमा किए गए वाउचरों के सापेक्ष उन्हें लगातार कम भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के एएनसीडी कार्यक्रम, टीबीआई, पीबीआई कुष्ठ अभियान, दो वर्षों का मोबाइल रिचार्ज, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल से संबंधित भुगतान, आभा आईडी बनाने का पैसा और सी-बैक फॉर्म का भुगतान भी अभी तक नहीं किया गया है।
आशा बहुओं का कहना है कि जब वे भुगतान की मांग करती हैं तो उन्हें तिखमपुर कार्यालय बुलाकर धमकाया जाता है और कहा जाता है कि ज्यादा बोलने पर उन्हें पद से हटा दिया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने कई बार सीएमओ, नोडल अधिकारी, एमवाईसी और अन्य अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। विवश होकर आशा बहुएं जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्या लेकर पहुंचीं और मांग की कि भुगतान में कटौती करने वाले तथा धमकी देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही पिछले दो वर्षों के बकाया भुगतान की जांच कर उसे जल्द जारी कराया जाए। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनके साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं कर रहे हैं। इस दौरान बेबी सिंह, सुनैना देवी, कलावती, अनीता, राजकुमारी, आरती देवी, पुष्पा यादव, किरन सिंह, मंजू शर्मा, गीता देवी, लाली पांडेय, सीमा श्रीवास्तव सहित कई आशा बहुएं मौजूद रहीं।
लंबित वेतन भुगतान, कटौती और धमकी की जांच की मांग को लेकर आशा बहुओं का प्रदर्शन










