भदोही के घोसिया दरजियान मोहल्ला स्थित मस्जिद में हज़रत मौला अली की शहादत के मौके पर एक खास जलसा और फातिहा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे और सभी ने मौला अली की शहादत को याद करते हुए उन्हें खिराजे-अकीदत पेश किया।
कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज अनवर ने की। उन्होंने जलसे को आगे बढ़ाते हुए मौला अली की शहादत की अहमियत और उनकी शिक्षाओं पर रोशनी डाली। इसके बाद हाफीज इरशाद नक्शबंदी ने अपने बयान में मौला अली की पूरी जिंदगी, उनकी बहादुरी, इंसाफ और इंसानियत के पैगाम को विस्तार से बयान किया। उन्होंने कहा कि मौला अली की जिंदगी इंसाफ, सब्र और भाईचारे की बेहतरीन मिसाल है, जिससे हर इंसान को सीख लेनी चाहिए। मौलान मोईन ने बयान किया
जलसे के दौरान फातिहा भी पढ़ी गई और मुल्क में अमन-चैन तथा भाईचारे के लिए दुआ की गई। इस अवसर पर हसन अली पप्पू, नजरुद्दीन रबरखा अली समेत मोहल्ले के कई लोग मौजूद रहे और सभी ने मिलकर मौला अली की शहादत को याद किया।
कार्यक्रम का माहौल बेहद अकीदत और एहतराम से भरा हुआ था। अंत में सभी लोगों ने दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन किया।









