पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज/घुघली
जनपद में बढ़ते तापमान और संभावित हीट वेव (लू) के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार को जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में हीट वेव और डंठल से होने वाले अग्नि कांडों की रोकथाम को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्ययोजना बनाकर जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
डंठल जलाने और मशीन संचालन पर सख्ती
डीएम ने कंबाइन और रीपर मशीन संचालकों को निर्देश दिया कि पूर्ण फसल कटाई के बाद ही भूसा निर्माण कार्य किया जाए। साथ ही भूसा निर्माण के दौरान फायर लाइन बनाना अनिवार्य किया गया है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय की गई है।
बिजली, जंगल और अग्निशमन पर विशेष फोकस
विद्युत विभाग को जर्जर ट्रांसफॉर्मर और तारों के तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए। वहीं वन विभाग को जंगलों में आग रोकने के लिए फायर कंट्रोल लाइन बनाने और कंट्रोल बर्निंग की पूर्व सूचना अग्निशमन विभाग को देने को कहा गया।
अग्निशमन विभाग को सभी उपकेंद्रों पर फायर टेंडर और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाओं और ओआरएस की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल और छायादार व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही विद्यालयों के समय में जरूरत के अनुसार बदलाव करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
गांवों में जल स्रोत होंगे सक्रिय
सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया कि गांवों में ट्यूबवेल, तालाब और अन्य जल स्रोतों की मैपिंग कर उन्हें सक्रिय किया जाए। लेखपाल और ग्राम सचिवों को गांव स्तर पर बैठक कर तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस भी हुई सक्रिय
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि कंबाइन और स्ट्रा रीपर संचालकों के साथ बैठक कर शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दें और नियमों के अनुसार ही मशीन संचालन सुनिश्चित कराएं।
बैठक से पूर्व जिला आपदा विशेषज्ञ द्वारा हीट वेव प्रबंधन और विभागवार प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी निरंजन सुर्वे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार, जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश:
“सतर्कता ही सुरक्षा है — लू और आग से बचाव के लिए हर स्तर पर तैयारी अनिवार्य।”










