पूर्वांचल राज्य
वाराणसी।
नगर निगम वाराणसी ने कर बकायेदारों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। शहर के करीब 83 हजार भवन निगम की रडार पर हैं, जिनके खिलाफ 1 अप्रैल से कुर्की, जब्ती और नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च की रात 12 बजे तक टैक्स जमा नहीं करने वालों को किसी भी तरह की छूट नहीं मिलेगी।
नगर निगम द्वारा गृहकर, जलकर और सीवर कर पर दी जा रही शत-प्रतिशत सरचार्ज माफी की समय सीमा अब समाप्त होने जा रही है। इसके बाद बकायेदारों को पूरा ब्याज चुकाना होगा और सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, करदाताओं की सुविधा के लिए सार्वजनिक अवकाश के बावजूद नगर निगम मुख्यालय और सभी जोनल कार्यालयों के टैक्स कलेक्शन सेंटर 31 मार्च को रात 9 बजे तक खुले रहेंगे। साथ ही ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।
दुकानदारों पर सबसे कड़ा रुख
नगर निगम ने दुकानों के किराए और लाइसेंस शुल्क को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित समय तक भुगतान न करने पर मूल राशि पर सीधे 50 प्रतिशत विलंब शुल्क लगाया जाएगा। बार-बार नोटिस के बावजूद भुगतान न करने वाले प्रतिष्ठानों को सील करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
जागरूक करदाताओं ने दिखाया भरोसा
नगर में अब तक 1.48 लाख से अधिक भवन स्वामियों ने कुल 185.78 करोड़ रुपये कर जमा कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। निगम प्रशासन ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए बाकी बकायेदारों से भी समय रहते भुगतान करने की अपील की है।
जोनवार बकायेदारों पर नजर
नगर निगम ने सभी जोनों में बकायेदार भवनों की सूची तैयार कर ली है। आदमपुर, भेलूपुर, दशाश्वमेध, कोतवाली, वरुणापार, सारनाथ, ऋषि माण्डवी और रामनगर जोन में कुल 83 हजार भवन चिन्हित किए गए हैं, जिन पर लगभग 18 करोड़ रुपये का बकाया है।
स्पष्ट चेतावनी
नगर निगम ने अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। इसके बाद सीधे कुर्की, नीलामी और सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
कुल मिलाकर, शहर के बकायेदारों के लिए यह आखिरी अवसर है अन्यथा अप्रैल की शुरुआत सख्त कार्रवाई के साथ की जाएगी।










