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बीएसए ने प्रधाध्यापक को फर्जी अंकपत्र के आधार पर नौकरी से किया बर्खास्त, मुकदमा का आदेश

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। फर्जी अंकपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले प्रधानाध्यापक को बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बर्खास्त कर दिया है। लगभग 20 साल से बेसिक शिक्षा परिषद में जमे प्रधानाध्यापक की नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से शून्य मानते हुए बीएसए ने एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही वेतन रिकवरी के निर्देश दिए हैं। शिक्षा क्षेत्र पंदह के प्राथमिक विद्यालय नोनियापुरा (बाछापार) का है। जारी बर्खास्तगी आदेश के मुताबिक, गौरी सिकंदरपुर के रहने वाले ध्रुवनाथ यादव प्राथमिक विद्यालय नोनियापुरा (बाछापार) पर बतौर प्रधानाध्यापक तैनात थे। उनके खिलाफ दिनेश कुमार यादव ने सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) आजमगढ़ से शपथ पत्र देकर शिकायत की थी। शिकायत की तारतम्यता में संबंधित शिक्षक के शैक्षिणिक अभिलेखों की जांच कराई गई। जांच में पता चला कि उन्होंने स्नातक के अंकपत्र में हेराफेरी कर अधिक अंक दर्शाए थे। इन्होंने परीक्षा में वास्तविक अंक 445 प्राप्त किया था, लेकिन नौकरी हथियाने के लिए 504 अंक का अभिलेख प्रस्तुत किया था। यानि इन्होंने 59 अंकों की बढ़ोतरी कर नौकरी प्राप्त की थी। शिकायत के आधार पर संबंधित महाविद्यालय श्री बजरंग स्नातकोत्तर महाविद्यालय दादर आश्रम सिकंदरपुर के प्राचार्य से सत्यापन कराया गया, जिसमें अंकपत्र फर्जी पाया गया। संबंधित शिक्षक द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर भी गलत विवरण अपलोड किए जाने की पुष्टि हुई। जांच के क्रम में विभाग ने स्पष्टीकरण तलब किया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिला। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त नियुक्ति अवैध है, इसलिए उसे निरस्त किया जाता है। वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि अब तक दिए गए वेतन व भत्तों का आकलन कर वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाए। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी को संबंधित शिक्षक के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। 

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