पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज ( घुघली) पल्टू मिश्रा
महराजगंज। जनपद में उद्योगों को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक रोजगार सृजन के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना” लागू कर दी है। शासनादेश संख्या-49/2024/1050/477/18-2-2024 दिनांक 04 अक्टूबर 2024 के तहत वर्ष 2026-27 में जनपद स्तर पर 1800 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस योजना के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को गति देते हुए युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। योजना के तहत पात्र युवाओं को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिस पर 4 वर्षों तक शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का जनपद का निवासी होना अनिवार्य है तथा आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 उत्तीर्ण निर्धारित की गई है, जबकि इंटरमीडिएट या तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे फोटो, हस्ताक्षर, आयु व शैक्षिक प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, परियोजना रिपोर्ट, कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र आदि संलग्न करना होगा। आवेदन प्रक्रिया msme.up.gov.in वेबसाइट के माध्यम से पूरी की जाएगी।
सरकार द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं जैसे विश्वकर्मा श्रम सम्मान, एक जनपद एक उत्पाद (ODOP), स्किल डेवलपमेंट मिशन आदि से प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही आकांक्षात्मक विकास खंड के युवाओं को भी वरीयता मिलेगी।
योजना के अंतर्गत परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत टर्म लोन अनिवार्य होगा। सामान्य वर्ग के लिए 15 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 12.5 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति एवं दिव्यांगजन के लिए 10 प्रतिशत अंशदान निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अधिकतम 5 लाख रुपये तक की परियोजना पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी जाएगी।
हालांकि तंबाकू, गुटखा, पान मसाला व पटाखा निर्माण जैसी निगेटिव सूची में शामिल परियोजनाओं को इस योजना के तहत लाभ नहीं मिलेगा।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, महराजगंज के उपायुक्त उद्योग द्वारा इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक युवा इसका लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकें।
सरकार की इस पहल से जनपद में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने के साथ ही हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
युवाओं के सपनों को पंख: 1800 नई इकाइयों का लक्ष्य, ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना’ लागू










