पूर्वांचल राज्य संवाददाता: दीपू तिवारी
सोनभद्र। कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के विरुद्ध पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कुख्यात तस्कर शुभम जायसवाल के नेटवर्क पर प्रहार करते हुए उसके पिता भोला प्रसाद के विरुद्ध पिट एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत कठोर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, इस अधिनियम के तहत मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों को रोकने के लिए उन्हें अधिकतम एक वर्ष तक निरुद्ध रखने का प्रावधान है।
इसी क्रम में शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद पुत्र स्व. राम दयाल, निवासी कायस्थ टोला प्रहलादघाट, थाना आदमपुर, जनपद वाराणसी के विरुद्ध एक वर्ष की निरुद्धि का आदेश पारित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट सोनभद्र के माध्यम से शासन के सक्षम प्राधिकारी ने यह आदेश पारित किया। यह निरोधादेश 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और आगामी एक वर्ष तक लागू रहेगा।
जांच में सामने आया कि भोला प्रसाद कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध डायवर्जन और काले बाजार में बिक्री का अभ्यस्त अपराधी है। वह फर्जी फर्मों के जरिए फर्जी बिलिंग कर बड़े पैमाने पर कफ सिरप की तस्करी में शामिल था। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क संगठित रूप से संचालित हो रहा था, जिसकी पहुंच देश के बाहर तक थी।
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि शुभम जायसवाल द्वारा अपने पिता की प्रोपराइटरशिप में संचालित फर्जी फर्म “शैली ट्रेडर्स” के माध्यम से Abbott Laboratories से भारी मात्रा में कोडीन युक्त फेन्साडिल कफ सिरप प्राप्त किया जाता था। इसके बाद इसे अवैध रूप से नशे के उपयोग हेतु बांग्लादेश तक डायवर्ट कर दिया जाता था, जिससे बड़े पैमाने पर अवैध लाभ अर्जित किया जा रहा था।
उक्त निरोधात्मक कार्रवाई के तहत भोला प्रसाद को आगामी एक वर्ष तक जिला कारागार में निरुद्ध रखा जाएगा। यह कार्रवाई उसके विरुद्ध पहले से दर्ज आपराधिक मामलों से अलग अतिरिक्त रूप से की गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।










