चंदौली जिले के धानापुर कस्बे में भूमाफियाओं के आतंक और चकबंदी में हुई गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस समस्या के समाधान के लिए कम्युनिस्ट पार्टी माले ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। बिझवल स्थित अंबेडकर पार्क में सैकड़ों ग्रामीणों ने भूमाफियाओं के खिलाफ संघर्ष का ऐलान किया।
कम्युनिस्ट पार्टी माले के नेता श्रवण कुशवाहा ने बताया कि धानापुर में चकबंदी के दौरान बड़े पैमाने पर गरीब लोगों के खेतों के कागजात में हेरफेर की गई है। जिनके पास जमीन नहीं थी, उनके नाम करोड़ों की जमीन चढ़ा दी गई है। हजारों लोगों के जमीन के कागजात में नाम गलत दर्ज हैं, जिसके कारण वे आए दिन अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
कुशवाहा ने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी उनका बचाव कर रहे हैं।
चकबंदी से पहले बिझवल गांव में नवीन परती की जमीन पर भूमाफियाओं ने अपना नाम दर्ज कराकर उसे बेचने की कोशिश की है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीण रूदल राम ने सवाल उठाया कि चकबंदी के कागजात 4145 में नवीन परती की जमीन पर किसी दूसरे व्यक्ति का नाम कैसे चढ़ाया गया।
ग्रामीणों की मांग है कि नवीन परती की इस जमीन पर खेल का मैदान बनाया जाए और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर स्मारक के लिए भी जमीन आवंटित की जाए।
इस मौके पर मुख्य रूप से अखिलेश राम, रुदल राम, सदरी नेता, शेखर भारतीय, रामरूप राम, सोहन राम, राधिका देवी, रामअवध राम, अनिप कुमार, रामसूरत राम, जीनाथ राम, मीनाथ राम, नोखे, खन्ने लाल, अरविन्द कुमार, राजाराम, कुमारी देवी, आलियारी देवी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
चंदौली जिले के धानापुर कस्बे में भूमाफियाओं के आतंक और चकबंदी में हुई गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी










