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एससी कॉलेज में नारी शक्ति वंदन अधिनियम कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक और मिस्ड कॉल अभियान

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। जनपद के सतीश चंद्र कॉलेज के महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक सप्ताह तक चलने वाले जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों की शुरुआत मंगलवार को हुई, जिसका उद्देश्य अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम की शुरुआत एक पदयात्रा से हुई, जिसमें कॉलेज की छात्राओं, शिक्षिकाओं और महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने भाग लिया। यह पदयात्रा कॉलेज के मुख्य द्वार से नगर के मुख्य चौराहों तक गई, जहाँ “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ”, “नारी शक्ति-देश की शक्ति” और “समान अधिकार, समान भागीदारी” जैसे नारे लगाए गए। प्रकोष्ठ ने एक विशेष मिस्ड कॉल अभियान भी चलाया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ी जानकारी और सरकारी योजनाओं के लिए 9667173333 नंबर जारी किया गया। प्रतिभागियों और आम जनता से इस नंबर पर मिस्ड कॉल देने की अपील की गई, ताकि वे अभियान से जुड़ सकें और अधिनियम का समर्थन कर सकें। इस अभियान में 100 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया।
कॉलेज परिसर में एक “नारी शक्ति दीवार” (बैनर) बनाई गई, जिस पर प्रतिभागियों ने महिलाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और समानता के संदेश लिखे। इसके साथ ही एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें सैकड़ों छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने “नारी सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध” शपथ पर हस्ताक्षर कर अभियान को समर्थन दिया। जागरूकता कार्यक्रमों के तहत चित्रकला/पोस्टर प्रतियोगिता और रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिनका विषय “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” था। रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने माँ दुर्गा, सावित्री बाई फुले और कल्पना चावला जैसी प्रेरणास्रोत महिलाओं के चित्र उकेरे। चित्रकला प्रतियोगिता में लगभग 10 छात्राओं ने भाग लिया। प्रकोष्ठ की छात्राओं ने एक नुक्कड़ नाटक “मैं हूँ नारी” प्रस्तुत किया, जिसमें बालिका शिक्षा के महत्व और कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को दर्शाया गया। इसके अतिरिक्त, एक लघु नाटिका “नारी शक्ति वंदन अधिनियमः एक नई सुबह” भी प्रस्तुत की गई। इन कार्यक्रमों में कॉलेज की 250 से अधिक छात्राओं, शिक्षिकाओं और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मिस्ड कॉल अभियान में 100 से अधिक मिस्ड कॉल प्राप्त हुईं, और हस्ताक्षर अभियान में 150 से अधिक हस्ताक्षर एकत्रित किए गए। इन आयोजनों से छात्राओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ, और आम जनता तक नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रावधानों, जैसे लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण, की जानकारी पहुँची।
कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो बीएन पाण्डेय, महिला प्रकोष्ठ की समन्वयक डॉ अंजू पटेल, प्रो माला कुमारी, डॉ अंजली जायसवाल, डॉ नेहा और अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

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