पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। मौसम के तल्ख तेवर का असर आमजन से लेकर पशु पक्षियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। स्थिति यह है कि सुबह के आठ बजे से ही तेज धूप होने लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों को होती दिख रही है। दोपहर में छुट्टी के बाद घर आने में उन्हें परेशानी होती दिखी। गर्मी का सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, यह अस्पतालों में जुटने वाली भीड़ प्रमाणित कर रही है। दोपहर में लू के थपेड़ों के बीच सड़कों पर दिख रहे इक्का-दुक्का लोग छाता गमछा आदि से पूरा शरीर ढककर आवाजाही करते नजर आए। गुरुवार को अधिकतम तापमान 42 व न्यूनतम 25 डिग्री रिकार्ड किया गया। तापमान की बढ़ोत्तरी ने लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त कर दी है। आज सुबह से ही तेज धूप थी, जो दोपहर बाद और प्रचंड हो गई। इसके कारण सड़क और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, सड़कों पर आवाजाही नाम मात्र की दिख रही थी। जरूरी काम से आने जाने वाले लोग छाता, गमछी और टोपी पहने हुए नजर आए। तेज धूप व्याकुल लोग छांव की तलाश करते दिखे। इन दिनों सड़कों के किनारे लगे ठेले पर ककड़ी, खीरा और जूस विक्रेताओं की खूब चांदी है, उनके यहां ग्राहकों की भीड़ काफी बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों से कचहरी और कलक्ट्रेट समेत अन्य आफिसों में जरूरी काम से आए लोग दोपहर में शहर के टीडी कॉलेज चौराहे से कुंवर सिंह चौराहा तक सड़क किनारे पेड़ों की छांव तथा चंन्द्रशेखर उद्यान में दोपहरी गुजारते दिखे। हालांकि शाम के पांच बजे के बाद धूप कम होने पर लोग घरों से निकलकर सड़कों पर दिखे, इसके बाद बाजार में रौनक आने लगी, जो देर रात तक रही। अप्रैल महीने के अंतिम सप्ताह में पड़ रही भीषण गर्मी में बिजली विभाग के दावे फेल होते दिख रहे हैं। तेज हवा चलने के बहाने ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर में कटौती तथा शहरी इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या सताने लगी है।
भीषण गर्मी का कहर जारीः सुबह 10 बजे से घरों से निकलना मुश्किल, तरल पदार्थ की दुकानों पर भीड़










