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बांसडीह में ई-फार्मर रजिस्ट्री का 75 प्रतिशत काम पूरा गांवों में कैंप, हर किसान की बनेगी आईडी

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। बांसडीह में ई-फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने गति पकड़ ली है। तहसील में लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस अभियान के तहत प्रतिदिन 400 से 500 किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है, जिससे हर किसान की आईडी बनाई जा सकेगी। सोमवार को धनपलिया, छित्तरौली, जिगनी और बड़ागांव सहित कई गांवों के पंचायत भवनों पर विशेष शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में राजस्व विभाग, खंड विकास कार्यालय और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें सक्रिय रहीं, जिन्होंने मौके पर ही किसानों का ई-फार्मर पंजीकरण किया।
तहसीलदार नितिन कुमार सिंह ने बताया कि बांसडीह तहसील में ई-फार्मर रजिस्ट्री का लगभग 75 प्रतिशत कार्य संपन्न हो गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पहले जहां प्रतिदिन 150-200 किसानों का पंजीकरण होता था, वहीं अब टीमों की संख्या बढ़ाने से यह आंकड़ा 400-500 तक पहुंच गया है। शिविरों में किसानों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है और अधिकांश पंजीकरण उसी दिन पूरे किए जा रहे हैं। धनपलिया, छित्तरौली, जिगनी, सकारपुर जैसे विभिन्न गांवों में लगे शिविरों में लेखपाल, नायब तहसीलदार, बीडीओ कार्यालय के कर्मचारी और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। किसानों की खतौनी से संबंधित त्रुटियों को भी मौके पर ही सुधारा गया, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। तहसीलदार ने बताया कि जिन किसानों के अंश निर्धारण (बंटवारे) के मामले लंबित हैं, उनके लिए भी शिविरों में विशेष समाधान व्यवस्था की गई है। ऐसे मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर उनकी किसान आईडी बनाई जा रही है, जिससे किसानों को बार-बार तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। ई-फार्मर रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य किसानों का एक एकीकृत डेटाबेस तैयार करना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं, जैसे सब्सिडी, बीमा और सहायता राशि का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिस किसान के नाम भूमि दर्ज है, उसकी किसान आईडी बनाना अनिवार्य है।

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