गाजीपुर की निशा विश्वकर्मा और हरदोई की शिल्पी कुशवाहा की हत्या के मामलों को लेकर प्रदेश में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन दोनों घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी क्रम में मौलिक अधिकार पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट संगीता विश्वकर्मा और विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष एडवोकेट प्रेमनाथ शर्मा के नेतृत्व में वाराणसी में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में मांग की गई कि दोनों हत्याकांडों की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाए, एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवारों को न्याय के साथ-साथ संबल भी मिल सके।
एडवोकेट संगीता विश्वकर्मा ने इस दौरान कहा कि समाज के अति पिछड़े वर्गों पर लगातार बढ़ रहे अत्याचार चिंताजनक हैं। उन्होंने मांग उठाई कि जिस तरह SC/ST Act के तहत संरक्षण मिलता है, उसी तर्ज पर अति पिछड़ा वर्ग के लिए भी एक सशक्त “अत्याचार निवारण कानून” बनाया जाए। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था में इस
गाजीपुर की निशा विश्वकर्मा और हरदोई की शिल्पी कुशवाहा की हत्या के मामलों को लेकर प्रदेश में आक्रोश










