पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। तहसील सदर के अंतर्गत शिवरामपुर संगम घाट पर रविवार को गंगा में चार युवक-युवतियों के डूबने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पीड़ितों के माता- पिता से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 08:30 बजे मुण्डन संस्कार (ओहार) के दौरान गंगा नदी में स्नान करते समय चार किशोर-किशोरियां गहरे पानी में चले गए। बताया गया कि ये सभी मोबाइल से सेल्फी और रील बना रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में डूब गए। हादसे में हर्षिता चौहान (17) और नंदिता चौहान (12) निवासी रामपुर भोज, थाना गड़वार (बलिया), अरुण चौहान (20) निवासी कल्याणीपुर, थाना फेफना (बलिया) तथा अर्जुन चौहान (21) निवासी महेशपुर, जिला गाजीपुर की डूबने से मौत हो गई। घटना के दौरान अर्पिता और साधना नाम की दो बालिकाओं को स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, स्थानीय गोताखोरों, नाविकों तथा अग्निशमन एवं आपात सेवा की टीम ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद चारों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि मृतकों के परिजनों को राज्य आपदा मोचक निधि से आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस घटनास्थल पर एडीएम अनिल कुमार, पियूष सिंह एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
गंगा में डूबने की सूचना पर डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे, परिजनों से की मुलाकात










