पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज/घुघली
महराजगंज शहर में शुक्रवार को दिनदहाड़े एक लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज सूचना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया, लेकिन जांच आगे बढ़ते ही पूरा मामला उलट गया। कथित लूट की कहानी झूठी निकली और इसके पीछे आपसी रंजिश में हुई मारपीट का मामला सामने आया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, अमरुतिया निवासी विवेक मद्धेशिया ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि बिशप एकेडमी स्कूल के सामने मऊपाकड़ में अज्ञात बदमाशों ने उनसे एक लाख रुपये लूट लिए। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और इलाके में छानबीन शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ और साक्ष्य जुटाने का काम तेजी से शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि 28 अप्रैल को सिसवा बाजार में एक शादी समारोह के दौरान विवेक के भाई नीरज मद्धेशिया और पूर्व प्रधान कमलेश श्रीवास्तव के पुत्र आर्यन श्रीवास्तव के बीच विवाद हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते शुक्रवार को दोनों पक्षों का आमना-सामना हो गया, जहां कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया।
पुलिस का कहना है कि विवेक ने इस मारपीट की घटना को बढ़ा-चढ़ाकर लूट का रूप दे दिया और आपातकालीन सेवा 112 पर झूठी सूचना दे दी। मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने कमलेश श्रीवास्तव, आर्यन श्रीवास्तव, प्रदीप अग्रहरी और इसराइल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इसराइल पुत्र उस्मान खां निवासी बांसपार बैजौली टोला बेलहिया को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक की अपील:
पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग न करें। झूठी सूचना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे वास्तविक आपात स्थितियों में मदद में देरी हो सकती है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









