नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। मृतकों में 17 विदेशी नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के नागरिक भी शामिल हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए होटल की ऊपरी मंजिलों से कूदते दिखाई दिए।
कैसे हुआ हादसा?
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार आग सुबह करीब 8:50 बजे होटल परिसर में स्थित रेस्टोरेंट से शुरू हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और छह मंजिला इमारत के ऊपरी हिस्सों तथा बेसमेंट तक फैल गई।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि होटल में ठहरे कई लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर मौजूद लोगों ने राहत कार्य के दौरान जमीन पर गद्दे बिछाकर ऊपरी मंजिलों से कूद रहे लोगों की जान बचाने की कोशिश की।
मौत का आंकड़ा बढ़ा, कई जिंदगी और संकट में
फायर विभाग और अस्पताल सूत्रों के मुताबिक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मैक्स अस्पताल का अपडेट
- कुल 39 लोगों को अस्पताल लाया गया
- 18 लोगों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी
- 15 मरीज ICU में भर्ती
- 8 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर
- 5 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई
- एक गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया
AIIMS में भी इलाज जारी
AIIMS में 13 घायलों का उपचार चल रहा है। इनमें तीन लोग वे हैं जिन्होंने आग से बचने के लिए होटल की ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाई थी। कई मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है।
वीडियो में दिखा भयावह मंजर
हादसे के वायरल वीडियो में लोग तीसरी और चौथी मंजिल से नीचे कूदते दिखाई दे रहे हैं। नीचे मौजूद स्थानीय लोगों ने गद्दे और चादरें फैलाकर कई लोगों को बचाने की कोशिश की।
बेसमेंट में भी कई लोग फंस गए थे, जहां से छह से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया।
होटल में नियमों की खुली अनदेखी
प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
✔ होटल को केवल 6 कमरों की अनुमति थी
✔ संचालन 25 कमरों के साथ किया जा रहा था
✔ होटल के पास वैध फायर NOC नहीं थी
✔ बेसमेंट में प्रवेश और निकास का केवल एक संकरा रास्ता था
✔ पूरी इमारत में आपातकालीन निकासी व्यवस्था अपर्याप्त बताई जा रही है
इन खुलासों के बाद प्रशासन और होटल प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अस्पतालों के पास होने के कारण रहती थी भीड़
फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के प्रेस एन्क्लेव रोड पर स्थित है। इसी क्षेत्र में मैक्स अस्पताल और AIIMS जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान मौजूद हैं। इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजन अक्सर इस होटल में ठहरते थे, जिसके कारण यहां हमेशा अच्छी संख्या में लोग मौजूद रहते थे।
दिल्ली में लगातार बढ़ रहे अग्निकांड
आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में दिल्ली में आग की विभिन्न घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है। मालवीय नगर का यह हादसा राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
प्रशासन की जांच शुरू
फायर विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी सुरक्षा मानकों, लाइसेंस और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की जाएगी।
निष्कर्ष
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में हुआ यह अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है। 21 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने के बाद अब सवाल यह है कि आखिर बिना पर्याप्त फायर सुरक्षा और निर्धारित नियमों के विपरीत इतने बड़े स्तर पर होटल का संचालन कैसे किया जा रहा था।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सुरक्षा नियमों में लापरवाही की कीमत कई निर्दोष जिंदगियों को चुकानी पड़ती है।










