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मकरा में पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

पूर्वांचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी

सोनभद्र तहसील दुद्धी अंतर्गत ब्लॉक म्योरपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मकरा सिंदूर (बिजली झरिया क्षेत्र) में चल रहे पुलिया निर्माण कार्य में घटिया एवं मानकविहीन सामग्री के उपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की खुलेआम अनदेखी करते हुए निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य की मजबूती और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पुलिया क्षेत्र के राहगीरों एवं स्थानीय आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन निर्माण कार्य की शुरुआत से ही गुणवत्ता को लेकर लगातार आपत्तियां दर्ज कराई जा रही थीं। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश और अधिक बढ़ गया।

ग्रामीणों का आक्रोश, मौके पर किया विरोध प्रदर्शन

निर्माण कार्य की गुणवत्ता से नाराज बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्य में बालू, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री में मानकों की अनदेखी की जा रही है तथा कार्य को केवल औपचारिकता के तौर पर पूरा किया जा रहा है।

इस दौरान ग्रामीणों ने संबंधित ठेकेदार एवं कार्यदायी संस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

पहले भी उठ चुकी थीं शिकायतें

ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू होने के समय से ही इसकी गुणवत्ता को लेकर आपत्तियां उठाई जा रही थीं, लेकिन जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों की अनदेखी के कारण ठेकेदार मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है।

जिलाधिकारी से जांच की मांग

ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की जांच जिलाधिकारी स्तर से कराने की मांग की है। साथ ही तकनीकी टीम से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरा किया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।

प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा न हों और जनता का भरोसा बना रहे।

फिलहाल ग्रामीणों के विरोध के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। 

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