सोनभद्र पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपू तिवारी
सोनभद्र। पिपरी स्थित उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (यूपीजेवीएनएल) की आवासीय कॉलोनी में बेदखली की कार्रवाई तेज हो गई है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने सरकारी क्वार्टरों में रह रहे आवास धारकों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर मकान खाली करने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई से कॉलोनी में रहने वाले सैकड़ों परिवारों में चिंता और असमंजस का माहौल व्याप्त है प्राप्त जानकारी के अनुसार, लंबे समय से लंबित इस प्रकरण में उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। न्यायालय के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आवास धारकों को अंतिम नोटिस सौंपा दुद्धी तहसीलदार प्रशासनिक टीम के साथ कॉलोनी पहुंचे। उनके साथ उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आवासधारकों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि सभी संबंधित लोगों को एक सप्ताह के भीतर सरकारी क्वार्टर खाली करना होगा। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद न्यायालय के आदेश के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी अधिकारियों के अनुसार, न्यायालय के आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत की जानी है। इसी कारण प्रशासन किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के पक्ष में नहीं है प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय के भीतर क्वार्टर खाली नहीं किए गए, तो नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की जाएगी कार्रवाई की सूचना मिलते ही कॉलोनी में रहने वाले परिवारों के बीच चिंता बढ़ गई है। कई आवास धारकों का कहना है कि वे वर्षों से इन आवासों में रह रहे हैं और अचानक मकान खाली करने के निर्देश मिलने से उनके सामने रहने की व्यवस्था, बच्चों की पढ़ाई तथा आजीविका जैसी गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि प्रशासन को प्रभावित परिवारों के पुनर्वास अथवा वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए।
इस पूरे मामले पर पिपरी नगर पंचायत अध्यक्ष की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, इस संबंध में उनका आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका है प्रशासन का कहना है कि आगे की समस्त कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों तथा विद्युत विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुरूप ही की जाएगी अधिकारियों ने संबंधित लोगों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आदेशों का पालन करने की अपील की है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो फिलहाल, कॉलोनी के सैकड़ों परिवारों की निगाहें आगामी प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एक सप्ताह की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास अथवा अन्य वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई निर्णय लिया जाता है या नहीं।










