पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
रेणुकूट (सोनभद्र)। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर हिंडालको रामलीला परिषद द्वारा वर्ष 2026 के रामलीला मंचन का विधिवत शुभारंभ किया गया। परिषद परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम का पूजन-अर्चन कर सफल एवं मंगलमय आयोजन की कामना की गई।
इस अवसर पर हिंडालको रेणुकूट के यूनिट हेड समीर नायक एवं क्लस्टर एचआर हेड जसबीर सिंह ने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा रामलीला मंचन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूनिट हेड समीर नायक ने कहा कि हिंडालको रेणुकूट की रामलीला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे हिंडालको परिवार की गौरवशाली परंपरा और सोनभद्र जनपद की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। यह आयोजन श्रद्धा, समर्पण, संस्कार और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रेणुकूट की रामलीला से प्रेरणा लेकर रेणुसागर, महान तथा ओडिशा में भी रामलीला मंचन की परंपरा आगे बढ़ाई जा रही है, जो सभी के लिए गर्व का विषय है।
क्लस्टर एचआर हेड जसबीर सिंह ने कलाकारों एवं परिषद पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रामलीला का मंचन करना ही अंतिम उद्देश्य नहीं है, बल्कि भगवान श्रीराम के जीवन से मिलने वाले आदर्श, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा-भाव को अपने जीवन में अपनाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रामलीला हमें सत्य, त्याग और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
इस अवसर पर रामलीला परिषद के अध्यक्ष प्रमोद कुमार उपाध्याय, उपाध्यक्ष अजय सिन्हा, सचिव आदित्य प्रकाश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष पद्माकर मिश्रा, वित्त प्रमुख विजय सिंह, सेफ्टी हेड जयश्री तिवारी, आईटी हेड सुनील कांत पांडेय, टाउनशिप हेड राजेश तिवारी, जनसंपर्क विभाग प्रमुख यशवंत कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, परिषद के पदाधिकारी, कलाकार एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीराम के जयघोष एवं रामलीला मंचन की सफलता की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने रामलीला की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने तथा नई पीढ़ी तक भगवान श्रीराम के आदर्शों और सांस्कृतिक मूल्यों को पहुंचाने का संकल्प लिया।










