वाराणसी अघोर परंपरा का प्रमुख पर्व ‘लोलार्क षष्ठी’ शुकवार को वाराणसी स्थित बाबा कीनाराम स्थल क्रीं-कुंड में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह पर्व अघोराचार्य महाराजश्री बाबा कीनाराम जी के जन्मोत्सव की छठी के रूप में सदियों से मनाया जाता है।
सुबह से ही आश्रम परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। आश्रम की साफ-सफाई और आरती के बाद श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन को आतुर दिखे। सुबह 9 बजे जैसे ही वर्तमान पीठाधीश्वर अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी दर्शनार्थ निकले, पूरा परिसर घंटा-डमरू, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
औपचारिक पूजा-अर्चना के बाद बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी औघड़ तख़्त पर विराजमान हुए। कतारबद्ध श्रद्धालुओं ने अनुशासनपूर्वक बाबा का आशीर्वाद लिया और समाधियों का पूजन किया।
इस अवसर पर अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान की महिला मंडल इकाई द्वारा ‘रक्तदान शिविर’ का आयोजन किया गया, जिसमें 80 से अधिक लोगों ने रक्तदान कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया।
आश्रम परिसर के बाहर भव्य मेला सजा रहा, जिसमें सैकड़ों दुकानें और हज़ारों श्रद्धालु दिखे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने दो दिन पहले से ही सुरक्षा प्रबंध पुख्ता कर लिए थे। अधिकारियों और आश्रम प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय के चलते पूरा आयोजन सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।










