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भ्रष्टाचार पर योगी का हथौड़ा जनता दरबार में अफसरशाही को झटका

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भ्रष्टाचार पर योगी का हथौड़ा जनता दरबार में अफसरशाही को झटका
पूर्वाचल राज्य ब्यूरो

विपिन सिंह, वाराणसी

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में पहली बार जनता दरबार लगाकर अफसरशाही की सुस्ती और भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार किया। महीनों से फाइलों में दबे फरियादी सीधे मुख्यमंत्री के सामने पहुंचे। सीएम ने न केवल शिकायतें सुनीं बल्कि मौके पर मौजूद अफसरों को जमकर फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश भी दिए।

जनता दरबार का यह नज़ारा देखकर लोगों में भरोसा जगा कि अब उनकी बात दबाई नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा जनता की आवाज़ को अनसुना करने वालों की खैर नहीं।

थाने की शिकायत लेकर पहुँचे लोग

जनता दरबार में कई फरियादी थानों की शिकायत लेकर पहुँचे। किसी ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया, तो किसी ने जमीन कब्जे की एफआईआर दर्ज न होने की समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। योगी ने ऐसे मामलों में तुरंत संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जमीन विवाद और सड़क की समस्याएँ

दरबार में ज़मीन के विवाद से जुड़ी शिकायतें सबसे ज़्यादा सामने आईं। कई लोगों ने बताया कि महीनों से राजस्व विभाग में उनकी फाइलें पड़ी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। वहीं, गली और सड़क की समस्या से परेशान लोगों ने भी सीएम से गुहार लगाई। टूटी सड़कों और नाली जाम की शिकायत पर योगी ने नगर निगम अधिकारियों को एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देने का आदेश दिया।

जनता को सीधी ताक़त

पहली बार हुए इस जनता दरबार ने वाराणसी की जनता को नई ताक़त दी है। अब लोगों को लग रहा है कि भ्रष्टाचारियों और लापरवाह अधिकारियों का खेल खत्म होने वाला है। जनता को मुख्यमंत्री तक सीधी पहुँच का यह मंच मिला है, जिससे अफसरों की कुर्सी हिल गई है।

अफसरों की मनमानी पर नकेल

जनता दरबार ने साबित कर दिया कि अब प्रदेश की सरकार आमजन के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर होगा। अफसरशाही की

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