राजकीय सम्मान के साथ जुबीन गर्ग का अंतिम विदाई
श्मशान में गूंजते रहे उनके गाने, पत्नी गरिमा का छलका दर्द
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो गुवाहाटी।
(संवाददाता- राजेश कुमार वर्मा)
मशहूर गायक और संगीतकार जुबीन गर्ग को मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। गुवाहाटी के श्मशान घाट पर जब उनका अंतिम संस्कार किया गया, तो वहां उनके ही गाने भावुक माहौल में बजते रहे। मौजूद हर आंख नम थी… पत्नी गरिमा गर्ग बिलखती रहीं और प्रशंसकों की भीड़ श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़ी।
52 वर्षीय जुबीन का निधन 19 सितंबर को सिंगापुर में हुआ था। वे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने वहां पहुंचे थे। जुबीन का पार्थिव शरीर पहले दिल्ली और फिर विशेष विमान से गुवाहाटी लाया गया। जैसे ही शव गोपीनाथ बोरदोलोई एयरपोर्ट से उनके काहिलीपारा स्थित निवास की ओर रवाना हुआ, हजारों फैंस अंतिम दर्शन के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े।
दावा, स्कूबा डाइविंग से मौत; पत्नी बोलीं- दौरा पड़ा था
शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि जुबीन की मौत स्कूबा डाइविंग के दौरान हुई दुर्घटना में हुई। इसको लेकर असम में उनके मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और इवेंट टीम के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की गई थी।
हालांकि, जुबीन की पत्नी गरिमा ने 20 सितंबर को एक भावुक वीडियो जारी कर इन शिकायतों को वापस लेने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुबीन की मौत पानी में डूबने से नहीं, बल्कि दौरा पड़ने से हुई थी।
गरिमा ने मीडिया को बताया कि जुबीन अपने 7-8 दोस्तों के साथ एक यॉट ट्रिप पर थे। अन्य साथियों ने लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन जुबीन ने नहीं। तैरते समय अचानक उन्हें दौरा पड़ा और डूबने से जान चली गई। इससे पहले भी उन्हें इसी तरह के दौरे सिंगापुर में पड़ चुके थे।
दो बार पोस्टमॉर्टम, अंतिम संस्कार से पहले गन सैल्यूट
जुबीन के पार्थिव शरीर का पहला पोस्टमॉर्टम सिंगापुर में हुआ था, जबकि दूसरा पोस्टमॉर्टम गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में हुआ। अंतिम संस्कार से पहले जुबीन को गन सैल्यूट दिया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी मौजूद रहे।
जुबीन का संगीत सफर: 40 भाषाओं में 38,000 से अधिक गाने
जुबीन गर्ग का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। वे न सिर्फ गायक, बल्कि संगीतकार, गीतकार, अभिनेता और निर्देशक भी थे।
उन्होंने असमिया और हिंदी फिल्मों में हिट गाने दिए… जिनमें ‘या अली’ (गैंगस्टर) और ‘दिल तू ही बता’ (क्रिश 3) जैसे गीत शामिल हैं।
जुबीन ने बिष्णुप्रिया मणिपुरी, बोरो, नेपाली, उड़िया, तमिल, तेलुगु समेत 40 भाषाओं और बोलियों में गाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया था।
वे असम के सबसे अधिक भुगतान पाने वाले कलाकार माने जाते थे और क्षेत्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही।
श्रद्धांजलि
जुबीन गर्ग की आवाज लाखों दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी। उनका संगीत अमर है।










