2047 तक विकसित भारत का सपना, असंगठित क्षेत्र में सुधार से ही संभव: नीति आयोग
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो नई दिल्ली।
नीति आयोग ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में असंगठित क्षेत्र को मुख्य आधार मानते हुए चार चरणों वाला रोडमैप रविवार 12 अक्टूबर को पेश किया है। आयोग का मानना है कि देश की जीडीपी में लगभग 50% हिस्सेदारी रखने वाले असंगठित क्षेत्र की मजबूती के बिना यह लक्ष्य अधूरा रहेगा।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों और सार्वजनिक-निजी भागीदारी से कामगारों की आय कई गुना बढ़ाई जा सकती है। आयोग ने मिशन आधारित रणनीति अपनाने का सुझाव दिया है, जो 2025 से लागू होगी।
*चार चरणों में क्रियान्वयन:*
1. मिशन ओरिएंटेशन (2025-26): मिशन का खाका तैयार कर समयबद्ध लक्ष्य तय होंगे।
2. संस्थागत ढांचा (2026-27): नेतृत्व की भूमिकाएं तय होंगी, वित्तीय और तकनीकी ढांचा मजबूत किया जाएगा।
3. कार्यान्वयन (2027-29): पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर निगरानी और मूल्यांकन पर जोर रहेगा।
4. विस्तार (2029 के बाद): सफल मॉडल को पूरे देश में लागू किया जाएगा, स्थानीय जरूरतों के अनुसार ढाल कर।
नीति आयोग ने आधार, यूपीआई, भारतनेट और जनधन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को इस बदलाव का मजबूत आधार बताया है। रिपोर्ट में अनुमान है कि इन प्रयासों से असंगठित क्षेत्र में प्रति व्यक्ति आय 2047 तक बढ़कर 12.8 लाख रुपए तक पहुंच सकती है, जो वर्तमान में 1.59 लाख रुपए है।










