कोर्ट से घेराबंदी! अब केजरीवाल-सिसोदिया पर तेज़ होगी कानूनी धार
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो नई दिल्ली।
दिल्ली की राजनीति फिर अदालत की चौखट पर खड़ी है। उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें पूर्व सांसदों-विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई भी अब स्पेशल कोर्ट्स में होगी।
अब तक ये कोर्ट्स सिर्फ मौजूदा जनप्रतिनिधियों के भ्रष्टाचार व पॉक्सो मामलों की सुनवाई करती थीं। लेकिन अब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे नेताओं के केस भी इन अदालतों की मेज़ पर आएंगे।
*सियासत या सिस्टम सुधार?*
राजनीतिक हलकों में चर्चा है.. क्या यह सिर्फ न्याय प्रक्रिया तेज़ करने की पहल है, या ‘आप’ के शीर्ष नेताओं को कानूनी शिकंजे में कसने की रणनीति?
2023 में बनी स्पेशल कोर्ट्स को हाईकोर्ट के निर्देश के तहत एक्टिव किया गया था, लेकिन अब इनका दायरा बढ़ाकर राजनीतिक रंग भी चढ़ता दिख रहा है।
*न्याय या निशाना?*
शराब नीति घोटाले से जुड़े केसों में अब तेजी आ सकती है। बीजेपी पहले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख दिखा चुकी है। जानकार मानते हैं, दिल्ली की राजनीति अब विधानसभा नहीं, अदालत की कुर्सी पर तय होगी।










