गैरहाजिर डॉक्टरों पर गिरा गाज़, तीन बर्खास्त, कई पर विभागीय शिकंजा
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार ने लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ बुधवार 15 अक्टूबर को सख्त रुख अपनाते हुए लगातार गैरहाजिर चल रहे तीन डॉक्टरों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को कार्रवाई का आदेश जारी किया है।
बर्खास्त होने वाले डॉक्टरों में आगरा सीएचसी की डॉ. वंदना जैन, श्रावस्ती अस्पताल के डॉ. विपुल अग्रवाल और बाराबंकी के डॉ. देववृत शामिल हैं, जो बिना सूचना लंबे समय से ड्यूटी से नदारद थे।
*वाराणसी अस्पताल की लापरवाही पर एक निलंबित, दो पर कार्रवाई*
कबीरचौरा महिला अस्पताल में गर्भवती का खुले में प्रसव होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्टाफ नर्स प्रीतम सिंह को निलंबित, महिला चिकित्साधिकारी डॉ. सुमिता गुप्ता और प्रमुख अधीक्षिका डॉ. नीना वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
*मिर्जापुर: अपर आयुक्त की पत्नी के इलाज में लापरवाही, चार डॉक्टर घेरे में*
अपर आयुक्त डॉ. विश्राम सिंह की पत्नी के इलाज में लापरवाही बरतने पर चार डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें डॉ. विनय कुमार, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. तरुण सिंह और डॉ. पंकज पांडेय शामिल हैं। सेवानिवृत्त स्टाफ नर्स पर भी कार्रवाई होगी।
*अयोध्या: मरीजों को बाहर की दवा, दो डॉक्टरों पर अनुशासनिक कार्रवाई*
कुमारगंज संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को बाहर की दवा लिखने और प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप में महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. शीला वर्मा और फिजीशियन डॉ. अरविंद मौर्या पर भी शिकंजा कसा गया है।
*ब्रजेश पाठक का सख्त संदेश* “सेवा में लापरवाही करने वालों को बक्सा नहीं जाएगा।”










