लंदन से सर्जरी, दिल्ली में बची जान, देश की पहली लाइव टेली सर्जरी
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो नई दिल्ली।
भारत की चिकित्सा तकनीक ने एक नई ऊंचाई छू ली है। लंदन में बैठे डॉक्टर ने दिल्ली के रोहिणी स्थित राजीव गांधी कैंसर संस्थान (आरजीसीआइआरसी) में भर्ती मरीज की लाइव टेली-रोबोटिक सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी। इस पूरी प्रक्रिया में स्वदेशी रोबोट ‘एसएस मंत्रा-3’ का इस्तेमाल किया गया।
यह ऐतिहासिक सर्जरी यूरोप के प्रतिष्ठित ‘ईआरयूएस-25’ (रोबोटिक यूरोलॉजी सम्मेलन) के दौरान की गई, जिसमें दुनियाभर के चिकित्सा विशेषज्ञ जुड़े थे। आरजीसीआइआरसी के मेडिकल डायरेक्टर और यूरो-ऑन्कोलॉजी प्रमुख डॉ. सुधीर रावल को लंदन आमंत्रित किया गया था, जहां से उन्होंने रोहिणी अस्पताल में भर्ती मरीज की दूरस्थ सर्जरी का प्रदर्शन किया।
इस सर्जरी में रोबोटिक असिस्टेड पार्शियल नेफरेक्टॉमी (गुर्दे की आंशिक शल्यक्रिया) की गई, जिसे गुरुग्राम स्थित एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल के मुख्यालय से संचालित किया गया। मरीज की हालत स्थिर है और उसे अगले ही दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. रावल ने इस उपलब्धि को भारत के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा, “यह सिर्फ तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में एक नई दिशा है।”
इस सफल प्रदर्शन ने भारत में रोबोटिक और टेली-सर्जरी की सुरक्षा, विश्वसनीयता और क्षमता को वैश्विक मंच पर स्थापित किया है। साथ ही यह भी दर्शाया कि टेली सर्जरी के माध्यम से देश के दूरदराज इलाकों में भी अत्याधुनिक इलाज संभव हो सकता है।
स्वदेशी तकनीक और भारतीय प्रतिभा के संगम से हुई यह सर्जरी ‘मेक इन इंडिया’ और डिजिटल स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है।










