Home / Trending News / भारत को धमकी, रूस से दोस्ती: ट्रंप की दोहरी चाल बेनकाब

भारत को धमकी, रूस से दोस्ती: ट्रंप की दोहरी चाल बेनकाब

भारत को धमकी, रूस से दोस्ती: ट्रंप की दोहरी चाल बेनकाब

 

रूसी तेल पर भारत को सजा, खुद पुतिन से व्यापार बढ़ाने में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति

 

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो नई दिल्ली। 

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोहरी नीति एक बार फिर उजागर हो गई है। एक ओर जहां वे भारत को रूस से तेल खरीदने पर सख्त चेतावनी और 50% टैरिफ की सजा दे चुके हैं, वहीं दूसरी ओर खुद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से व्यापार बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

 

ट्रंप ने हाल ही में पुतिन से फोन पर बातचीत कर यूक्रेन युद्ध के बाद रूस-अमेरिका व्यापार बढ़ाने की योजना पर चर्चा की। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि जल्द ही दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी बुडापेस्ट में होने वाले शिखर सम्मेलन में मिलेंगे।

 

*मोदी से बात का झूठा दावा, भारत ने किया खंडन*

 

ट्रंप ने दावा किया कि उनकी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई है और भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का भरोसा दिलाया है। लेकिन भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से इनकार किया कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई।

 

*अमेरिका खुद रूस से कर रहा भारी व्यापार*

 

वास्तविकता यह है कि ट्रंप सरकार के आने के बाद अमेरिका और रूस के बीच व्यापार में 20-43% तक इजाफा हुआ है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक 2025 के पहले आठ महीनों में अमेरिका ने रूस से 1.1 अरब डॉलर का उर्वरक, 878 मिलियन डॉलर का पलाडियम और 624 मिलियन डॉलर का यूरेनियम आयात किया।

 

सेवा क्षेत्र में भी व्यापार में जबरदस्त उछाल आया है, जबकि भारत पर प्रतिबंध और दबाव बढ़ा दिए गए हैं। ट्रंप से जब इस पर सवाल किया गया कि उनकी सरकार रूस से रसायन और यूरेनियम क्यों मंगा रही है, तो उन्होंने कहा, “मुझे इसकी जानकारी नहीं है।”

 

*सवालों के घेरे में ट्रंप की नीतियां*

 

भारत के साथ कड़ाई और रूस के साथ नरमी की यह नीति अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप की यह दोहरी चाल न सिर्फ वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर सकती है, बल्कि अमेरिका के सहयोगी देशों के बीच असमंजस भी बढ़ा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *