फर्जी आईएएस ने 150 बेरोज़गारों से की 80 करोड़ की ठगी, लखनऊ से गिरफ़्तार
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो लखनऊ।
खुद को गुजरात कैडर का आईएएस और बहनों को आईपीएस अफसर बताकर 150 से ज़्यादा बेरोज़गार युवाओं से नौकरी के नाम पर 80 करोड़ की ठगी करने वाला शातिर ठग डॉ. विवेक मिश्रा उर्फ आनंद मिश्रा आखिरकार वृहस्पतिवार 16 अक्टूबर को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सीआईडी और चिनहट पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे कमता तिराहे से गिरफ्तार किया।
विवेक मिश्रा ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर दो युवकों को डिप्टी एसपी और एक को गुजरात सरकार का जनसंपर्क अधिकारी तक बना डाला था। आरोपी का नेटवर्क यूपी, बिहार, झारखंड, दिल्ली और गुजरात तक फैला हुआ है।
जालसाज का पर्दाफाश अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन से हुआ। आशुतोष की मुलाकात विवेक से जून 2018 में रायबरेली रोड स्थित एक होटल में हुई थी। खुद को 2014 बैच का आईएएस बताने वाला विवेक वीआईपी अंदाज़ में रहता था। गाड़ी में बत्ती लगी होती, फेसबुक प्रोफाइल भी आईएएस के नाम से तैयार थी।
तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने नौकरी का झांसा देकर कई लड़कियों का भी शोषण किया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी हो सकती है।










